मप्र सरकार हैदराबाद मॉडल को भोपाल में लागू कर रही, सीएनजी जगह पर 100 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी

भोपाल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 100 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड और मैनिट के एक्सपर्ट हैदराबाद की तर्ज पर भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का मॉडल तैयार कर रहे हैं। पिछले दिनों हैदराबाद से लाकर कुछ बसों को ट्रॉयल किया गया।  

24 लाख आबादी के बीच 200 बसें
करीब 24 लाख की आबादी वाले भोपाल शहर में अभी 200 लो लोर बसें संचालित हैं। इनके अलावा कुछ बसें स्थानीय ऑपरेटर्स संचालित करते हैं, इन बसों में क्षमता से 3 गुना ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इलेक्ट्रिक बसों के सीमित संख्या में चलते यह समस्या और बढ़ सकती है।

अरेरा हिल्स, राज भवन और न्यू मार्केट
मैनिट के विशेषज्ञ यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि भोपाल के पहाड़ी इलाकों में ओवरलोडेड बसों के संचालन में कोई समस्या न हो। खासकर, अरेरा हिल्स, राज भवन और न्यू मार्केट जैसे चढ़ाई वाले रूट पर इलेक्ट्रिक बसों को आने जाने में परेशनी न हो।  

 मैनिट के विशेषज्ञों की टीम शहर के पहाड़ी इलाकों के हिसाब से इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की पूरी संख्या भरने के बाद लोडेड व्हीकल को पहाड़ी की ऊंचाई पर चलने योग्य रूट का चयन करेगी। अरेरा हिल्स, राज भवन, न्यू मार्केट जैसे घाट क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों ने बेहतर प्रदर्शन किया था। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड अब इस बात को सुनिश्चित करना चाह रहा है की दोगुनी संख्या में यात्रियों को लेकर चलने के दौरान इन बसों के संचालन में किसी प्रकार की कोई असुविधा नहीं हो।

इसलिए परीक्षण जरूरी
भोपाल शहर 24 लाख की आबादी वाला शहर है। इसके मुकाबले भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड एकमात्र ऐसी संस्था है जो सस्ता पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराती है। शहर में बीसीएलएल के अलग-अलग ठेकेदार 200 लो लोर बसों को संचालित करते हैं जिनमें क्षमता से तीन गुना तक ज्यादा यात्री सफर करते हैं। इलेक्ट्रिक बसों के सीमित संख्या में चलने के बाद भी यही हश्र हो सकता है।

बीसीएलएल चला रही लो फ्लोर बसें
भोपाल में लो फ्लोर बसों के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी बीसीएलएल के डायरेक्टर मनोज राठौर ने ई-बसों के संचालन की तैयारियां की जा रही हैं। विषय विशेषज्ञों से भी इसके लिए सलाह ली जा रही है।

EV हब बनेंगे इंदौर-भोपाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल और इंदौर को ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) हब के रूप में विकासित करने का ऐलान किया है। इन शहरों में ई-रिक्शा और ई-बसों के संचालन पर जोर दिया जा रहा है। आम नागरिकों को भी ई-कार और ई-बाइक खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इनके लिए चार्जिंग स्टेशन सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने का प्रयास जारी है।

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