पचमढ़ी में 14 से 16 जून तक बीजेपी के विधायकों सांसदों का ट्रेनिंग कैंप आयोजित होगा

पचमढ़ी

मध्य प्रदेश के नेताओं के द्वारा हाल में की गई बयानबाजी के बाद पार्टी ने नेताओं को ट्रेनिंग देने का फैसला किया। 14 से 16 जून तक भारतीय जनता पार्टी का स्पेशल प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। यह ट्रेनिंग कैंप हिलस्टेशन पचमढ़ी में लगेगा। कार्यक्रम में राज्य के सभी बीजेपी विधायक, मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को अनिवार्य रूप से शामिल होना है।

जेपी नड्डा और अमित शाह भी पहुंचेंगे

    तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। ट्रेनिंग कैंप के समापन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में यह शिविर बीजेपी नेताओं को अनुशासन का पाठ सिखाने का प्रयास माना जा रहा है।

विधायकों, सांसदों को 5 साल में दिया जाता है प्रशिक्षण

विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद नवनिर्वाचित विधायकों, सांसदों को भाजपा 5 साल में एक बार प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम आयोजित करती है। यह ट्रेनिंग कैंप इस साल की शुरुआत में होना था। लेकिन संगठन चुनाव के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया था।

लगातार आए विवादित बयान, प्रशिक्षण का एक कारण ये भी 11 मई को जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया। इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक नरेंद्र प्रजापति के बयानों से भी विवाद बढ़ा। ऐसे में लगातार आ रहे विवादित बयानों के बाद पार्टी अब सभी विधायकों और सांसदों को प्रशिक्षण देने जा रही है।

भाजपा के संविधान के अनुसार हर पांच साल में विधायकों और सांसदों को प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रक्रिया चुनाव के बाद नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों यानी सांसद, विधायकों को दी जाती है। ट्रेनिंग का उद्देश्य उन्हें पार्टी की विचारधारा, कार्यशैली और जनहित के मुद्दों को समझाना होता है। साल की शुरुआत में यह ट्रेनिंग प्रस्तावित थी, लेकिन संगठन चुनाव के चलते इसे आगे बढ़ाना पड़ा था। अब परिस्थिति अनुकूल होने पर इसे पचमढ़ी में आयोजित किया जा रहा है।

विवादित बयानों के बाद पार्टी ने चुनी ये रणनीति

हाल के दिनों में पार्टी नेताओं के कई विवादित बयानों ने संगठन की छवि पर असर डाला है। 11 मई को जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह का बयान सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादों में रहा।

इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और विधायक नरेंद्र प्रजापति के बयानों से स्थिति और गंभीर हो गई।

इन घटनाओं को देखते हुए पार्टी ने तय किया है कि सभी विधायकों और सांसदों को एक बार फिर अनुशासन, संवेदनशीलता और जनता के बीच बयानबाजी को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पीएम ने भी दी संभल कर बोलने की सलाह

रविवार को NDA की बैठक में पीएम मोदी ने भी पार्टी के नेताओं को संभल कर बोलने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कहीं भी कुछ भी बोलने से नेताओं को बचना चाहिए। इससे पार्टी की छवि खराब होती है।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति