उदयपुर में झमाझम बारिश से सीवरेज सिस्टम बैठा, सड़के बनी नदी

उदयपुर

उदयपुर में शनिवार रात हुई करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने उदयपुर की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। रात 9 बजकर 7 मिनट पर बारिश की शुरुआत हुई, और 10 बजकर 23 मिनट के बाद तेज बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। लगातार बारिश से शहर के कई इलाकों में सड़कों पर नदी जैसी धाराएं बहने लगीं और आम जनजीवन प्रभावित हो गया।

बारिश का सबसे ज्यादा असर ओल्ड सिटी के क्षेत्रों में देखा गया, जहां सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। तेज बहाव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। सबसे ज्यादा नुकसान सवीना सब्जी मंडी में हुआ, जहां मंडी के अंदर और बाहर पानी भर गया। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

नगर निगम की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
हर साल की तरह इस बार भी कुछ घंटों की तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की कलई खोल दी। देहलीगेट, सूरजपोल, अस्ती अस्पताल रोड और हाथीपोल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। अगर शहर के कैचमेंट क्षेत्रों में इसी तरह की बारिश जारी रही, तो सीसारमा नदी का बहाव अगले कुछ घंटों में तेज हो सकता है।

रविवार सुबह तक पिछोला झील का जलस्तर 7 फीट 4 इंच तक पहुंच गया है। झील की कुल क्षमता 11 फीट है, जिससे अब भी करीब 3 फीट 8 इंच की गुंजाइश बाकी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति