टैरिफ विवाद पर केंद्र का रुख साफ, पीयूष गोयल ने कहा—भारत कभी झुकेगा नहीं

नई दिल्ली 
अमेरिका के साथ जारी टैरिफ विवाद पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने खुलकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के सामने नहीं झुकेगा और न ही कमजोर पड़ेगा। इसके बजाय वह दुनिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बाजारों में अपनी पैठ बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा। एक निजी कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने भारत के निर्यात को बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा आने वाले कुछ समय में केंद्र सरकार सभी क्षेत्रों को सपोर्ट करने और निर्यात के लिए तमाम फैसले लेगी। भारत हमेशा केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि इस साल हमारा निर्यात पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ज्यादा होगा।"

27 अगस्त को भारत पर टैरिफ लागू होने के बाद अपनी पहली टिप्पणी में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "भारत हमेशा से ही मुक्त व्यापार समझौते के लिए तैयार है। लेकिन अगर कोई हमारे साथ भेदभाव करता है, तो मैं समझता हूं कि भारत के 140 करोड़ आबादी के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की बात है। इसको ध्यान में रखते हुए हम कभी नहीं झुकेंगे। इसका सामना करते हुए एक साथ आगे बढ़ते रहेंगे।

आपको बता दें केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने भारत के ऊपर व्यापार को लेकर 25 फीसदी और रूस से तेल खरीदने के नाम पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। ऐसे में भारत से अमेरिका जाने वाले निर्यात में भारी कमी आने की आवश्यकता है। इसकी वजह से हमारे देश में हजारों लोगों की नौकरी पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। एक तरफ अमेरिका का कहना है कि भारत के ऊपर लगाए गए प्रतिबंध रूस के ऊपर यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए दबाव बनाने का एक प्रयास है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका खुद भी रूस से साथ व्यापार में लगा हुआ है और चीन, जो कि रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीददार है, उससे कुछ भी कहने में डर रहा है।

जहां तक व्यापारिक क्षेत्र में लगे 25 प्रतिशत टैरिफ की बात है, तो भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह डेयरी और कृषि उत्पादों में किसी भी प्रकार की छूट नहीं देगा। अमेरिका की मांग है कि भारत डेयरी क्षेत्र में उसके प्रोडक्ट्स को भी बाजार में आने का मौका दे, लेकिन यह भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत बड़ा आत्मघाती कदम साबित होगा। अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने लगातार टैरिफ को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया है। इसका असर यह है कि पूरी ग्लोबल सप्लाई चैन अस्त-व्यस्त हो गई है।

 

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