महामाया मंदिर के छठ घाट पर पितृ तर्पण-पिंडदान की धूम, कन्हर नदी किनारे आस्था का मेला

बलरामपुर-रामानुजगंज

पितृ पक्ष की शुरुआत के साथ ही रामानुजगंज के ऐतिहासिक मां महामाया मंदिर छठ घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गंगा की तरह उत्तर दिशा में बहने वाली कन्हर नदी में तर्पण के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। रामानुजगंज ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों व क्षेत्रों से भी लोग यहां आकर अपने पितरों का श्राद्ध व तर्पण कर रहे हैं।

हर दिन सुबह से ही श्रद्धालु घाट पर जुटने लगते हैं और दोपहर तक तर्पण की विधियों का पालन करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कन्हर नदी को इस क्षेत्र में गंगा के समान पवित्र माना जाता है, और यहां किया गया तर्पण विशेष फलदायी होता है।

तर्पण की सभी विधियां मां महामाया मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित जितेंद्र पांडे एवं पंडित नरेंद्र मिश्रा के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई जा रही हैं। श्रद्धालु कुश, तिल, जल, पुष्प और पिंड दान के साथ अपने पितरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। घाट पर भक्तों की भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय है और साफ-सफाई तथा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं।

कन्हर नदी इस अंचल के लोगों के लिए केवल एक नदी नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र है। पितृ पक्ष में यहां तर्पण करना वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसे आज भी लोग पूरे श्रद्धा और विश्वास के साथ निभा रहे हैं। श्रद्धालुओं की मानें तो यहां आकर तर्पण करने से पितृ तृप्त होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

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