म्यूजिक में कमाल! भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया दुनिया का पहला “सुर बदलने वाला” एआई मॉडल

नई दिल्ली

AI का तेजी से विकास हो रहा है और इससे कई रह के मॉडस बनाए जा रहे हैं। अब IIT BHU के छात्र रह चुके एक लड़के ने ऐसा AI बनाया है जो गाता है, फुसफुसाता है और सबसे खास बात ये कि कि इंसानों की भावनाओं को समझता है। इसे लूना AI नाम दिया गया है। 25 वर्षीय स्पर्श अग्रवाल ने इसे पिक्सा एआई के तहत बनाया है। लूना एआई दुनिया की पहली स्पीच-टू-स्पीच बेसिक मॉडल है। लूना फुसफुसा सकती है, सुर बदल सकती है और गा भी सकती है। स्पर्श कहते हैं कि यह सिर्फ जवाब नहीं देती, बल्कि महसूस भी करती है। ज्यादातर वॉइस मॉडल कस्टमर सपोर्ट के लिए होते हैं, लेकिन लूना एंटरटेनमेंट और हेल्थ को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।

रिपोर्ट बताती है कि स्पर्श ने एक्स पर लिखा कि भारत की एआई कहां है? हर व्हाट्सएप ग्रुप, हर कॉन्फ्रेंस में यही सवाल। आज हम जवाब दे रहे हैं। मिलिए लूना से। यह ऑडियो, म्यूजिक और स्पीच को एक साथ जोड़ती है। स्पर्श ने IT मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात की, उन्होंने भी लूना AI की तकनीक को सराहा।

50% तेजी से काम करती है लूना
शुरुआती टेस्ट में लूना ने ओपनएआई के जीपीटी-4 टीटीएस और इलेवनलैब्स को पीछे छोड़ा। इसमें 50% तेजी से काम करती है। स्पर्श कहते हैं कि मेरे पास रिसर्च लैब या 100 मिलियन डॉलर नहीं थे। उन्होंने जीपीयू उधार लिए, क्लाउड क्रेडिट लिए और क्रेडिट कार्ड का कर्ज भी लिया।

कौन हैं स्पर्श अग्रवाल?
स्पर्श आईआईटी-बीएचयू से पढ़े हैं। उनकी टीम में नितीश कार्तिक, अपूर्व सिंह और प्रत्युष कुमार हैं। स्पर्श डब्ल्यूटी फंड से चुने गए एकमात्र सोलो फाउंडर हैं। 15,000 आवेदकों में से चुने गए। स्पर्श का मकसद भारत को इमोशनल AI का सेंटर बनाना है।

2026 में आएगा पहला स्वदेशी AI मॉडल
इसके अलावा, सरकार का कहना है कि साल 2026 में देश का पहला ‘स्वदेशी AI मॉडल’ लॉन्च हो जाएगा। यह साल की शुरुआत में ही फरवरी के महीने में लॉन्च हो सकता है। सरकार इसे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट से पहले लॉन्च करना चाहती है। इसे बनाने के पीछे मकसद है कि देश का डेटा सुरक्षित रहे।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति