दिल्ली एयरपोर्ट ने साइबर हमले से किया इनकार, सिस्टम गड़बड़ी से यात्रियों को झेलनी पड़ी लंबी प्रतीक्षा

नई दिल्ली
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर गुरुवार दोपहर एक बड़ी तकनीकी खराबी के कारण हवाई यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इस गड़बड़ी का असर न सिर्फ दिल्ली बल्कि मुंबई सहित कई अन्य शहरों की उड़ानों पर भी पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला Automatic Message Switching System (AMSS) अचानक ठप पड़ गया। यह वही सिस्टम है, जो एयरलाइनों के फ्लाइट प्लान, मौसम संबंधी जानकारी और परिचालन संदेश एटीसी अधिकारियों तक पहुंचाता है। AMSS फेल होने के बाद एटीसी को पूरी तरह मैनुअल मोड में काम करना पड़ा, यानी फ्लाइट-प्लान की हैंड प्रोसेसिंग, आवाज के जरिये कोऑर्डिनेशन और मैन्युअल लॉगिंग जैसी प्रक्रियाएं अपनानी पड़ीं। इससे एयर ट्रैफिक की क्षमता बहुत घट गई और उड़ानों में देरी शुरू हो गई।

प्रभाव कितना बड़ा था?
शुक्रवार को कई उड़ानें प्रभावित रहीं, क्योंकि सिस्टम बहाल होने में समय लगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर रोज औसतन 1,500 फ्लाइट मूवमेंट्स होती हैं, और पीक टाइम पर 60–70 मूवमेंट प्रति घंटे दर्ज किए जाते हैं। ऑटोमेशन के बिना इतनी घने एयर ट्रैफिक को संभालना लगभग असंभव होता है। औसतन, दिल्ली से रवाना होने वाली उड़ानों में करीब 50 मिनट की देरी दर्ज की गई। एयरलाइनों ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करें, और अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचें।

एयरपोर्ट और एयरलाइनों ने क्या बताया
दिल्ली एयरपोर्ट (DIAL) और AAI दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर कहा कि Automatic Message Switching System में तकनीकी समस्या आई है, जिसे हमारी तकनीकी टीम प्राथमिकता पर हल करने की कोशिश कर रही है। इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया और अकासा एयर जैसी एयरलाइनों ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर अपडेटेड शेड्यूल चेक करने और धैर्य बनाए रखने की अपील की। AAI ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है। केवल ऑटोमेशन बंद होने से क्षमता घटी है, लेकिन सभी उड़ानें सुरक्षित अंतराल बनाए रखते हुए नियंत्रित की जा रही हैं।

जांच में साइबर अटैक से इनकार
सूत्रों के अनुसार, AMSS सिस्टम में यह खराबी ATC सॉफ्टवेयर अपग्रेड के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह साइबर अटैक नहीं है। अपग्रेडेशन प्रक्रिया के दौरान फ्लाइट-प्लान के ऑटोमेटिक अपडेट का कार्य बंद हो गया था। शुक्रवार सुबह IT मंत्रालय ने सिविल एविएशन मंत्रालय के साथ मिलकर जांच की और यह पुष्टि की कि कोई साइबर हमला नहीं हुआ था।

यात्री क्या करें 
अगर आप दिल्ली से उड़ान भरने या यहां लैंड करने वाले हैं, तो अपनी फ्लाइट का स्टेटस एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से जांचें। एयरपोर्ट कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचें। कनेक्टिंग फ्लाइट होने पर अतिरिक्त समय का अंतर रखें। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को अब ऐसे सिस्टम के लिए मजबूत बैकअप नेटवर्क, तेज रिस्टोरेशन प्रोटोकॉल और कंट्रोल रूम में स्वचालित-से-मैनुअल संक्रमण (fail-safe) प्रक्रियाएं विकसित करनी होंगी।

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