इंदौर में मंदिरों में बड़े पैमाने पर सुधार, रोज दो लाख से अधिक भक्तों की सुविधा पर खर्च करोड़ों रुपए

इंदौर 

 सिंहस्थ 2028 के दौरान इंदौर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के प्रमुख मंदिरों में व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर और रणजीत हनुमान मंदिर में बुनियादी ढांचे और दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलाव किए जाने वाले हैं। जिला कलेक्टर शिवम वर्मा स्वयं इन विकास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और मंदिर समितियों के साथ मिलकर रूपरेखा तैयार कर चुके हैं।

खजराना में प्रति घंटे 20,000 से अधिक भक्तों के दर्शन की व्यवस्था बनेगी

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह का चांदी का द्वार दोनों तरफ से 3-3 फीट चौड़ा किया जाएगा। इसके साथ ही सभा मंडप की ऊंचाई को 3 फीट कम किया जाएगा ताकि पीछे खड़े भक्तों को भी भगवान के स्पष्ट दर्शन हो सकें। मंदिर प्रशासन के अनुसार पीछे के मंगल हॉल को स्थायी रूप से पक्का किया जा रहा है जिससे भक्त एक साथ चार लाइनों में लग सकेंगे। इन बदलावों के बाद कितनी भी भीड़ हो, भक्तों को अधिकतम आधे घंटे में दर्शन प्राप्त हो सकेंगे। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. अशोक भट्ट ने बताया कलेक्टर और प्रबंध समिति अध्यक्ष शिवम वर्मा, प्रशासक दिलीप यादव व पुजारी, भक्तों की उपस्थिति में चर्चा कर इन बदलावों पर निर्णय हुआ है। अधिकारी मौका मुआयना करने वाले हैं, इसके बाद काम शुरू हो जाएगा। मंदिर समिति का लक्ष्य है कि पीक ऑवर्स के दौरान भी प्रति घंटे 20,000 से अधिक भक्तों को सुचारू रूप से दर्शन कराए जा सकें।

रणजीत हनुमान मंदिर बनेगा भव्य रणजीत लोक
शहर का ऐतिहासिक रणजीत हनुमान मंदिर अब महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस रणजीत लोक का काम इंदौर स्मार्ट सिटी को सौंपा गया है। विकास कार्यों के तहत मुख्य मंदिर परिसर को सामने की ओर 40 फीट आगे बढ़ाया जाएगा। मंदिर की छत पर विशेष कशीदाकारी (नक्काशीदार पत्थर) का काम होगा। बाउंड्रीवॉल पर 'सुंदरकांड' के प्रसंगों को चित्रों और कलाकृतियों के माध्यम से उकेरा जाएगा। मंदिर परिसर में एक अत्याधुनिक पुलिस चौकी, बेबी फीडिंग रूम (शिशु आहार कक्ष) और बुजुर्गों के लिए रैंप व विशेष जूता स्टैंड बनाए जाएंगे। पूरे परिसर में 'डायनेमिक फसाड लाइटिंग' का उपयोग होगा, जो विशेष त्योहारों पर रंग बदल सकेगी। मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास ने बताया कि रणजीत हनुमान मंदिर 135 साल से भी ज्यादा पुराना है। यहां इंदौर ही नहीं, आस-पास के जिलों से भी श्रद्धालु आते हैं। मान्यता है कि लंका विजय के बाद भगवान राम ने स्वयं हनुमान जी को रणजीत नाम दिया था। 

सिंहस्थ-2028 में हर दिन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु इंदौर आएंगे
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान उज्जैन जाने वाले श्रद्धालु अनिवार्य रूप से इंदौर भी आते हैं, इसीलिए मंदिर प्रबंध समितियों की बैठकों में इन स्थायी व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का अनुमान है कि सिंहस्थ के दौरान इंदौर में प्रतिदिन 2 से 5 लाख अतिरिक्त श्रद्धालु रुकेंगे। इंदौर में हो रहे ये सभी निर्माण कार्य केवल सिंहस्थ के लिए नहीं, बल्कि स्थायी संपत्ति के रूप में किए जा रहे हैं। 

 

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