ताहा शाह बदुशा ने फैंस के अटूट प्यार के लिए जताया आभार

मुंबई,

 अभिनेता ताहा शाह बदुशा ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावनात्मक और दिल को छू लेने वाला पोस्ट साझा किया है, जिसमें उन्होंने अपने फैंस को उनके सफर में लगातार साथ देने के लिए धन्यवाद कहा है। ताहा ने अपने नोट में लिखा है, “मैंने यह सफर कभी अकेले तय नहीं किया क्योंकि यह कभी सिर्फ मेरा था ही नहीं।” ताहा शाह बदुशा द्वारा लिखे गए ये शब्द फैंस के बीच तुरंत गूंजने लगे।

सिर्फ यही नहीं इन शब्दों के साथ उन्होंने कैंपस विज़िट्स के दौरान बिताए पलों का ज़िक्र करते हुए यह भी लिखा कि वहां तालियों की गूंज, सेल्फी और उत्साह से भरे चेहरे उन्हें अपने ही युवा रूप की याद दिलाते हैं, जो उम्मीदों से भरा था, थोड़ा बेचैन था, लेकिन सपनों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था। ताहा के अनुसार, ऐसे पल उन्हें यह एहसास कराते हैं कि उनका सपना अब सिर्फ उनका नहीं रहा।

 उन्होंने आगे लिखा, “जो कभी एक अकेले का सपना था, आज कई लोगों का हो गया है। सपने वही हैं, बस टाइमलाइन अलग है।” अपनी ज़मीन से जुड़े स्वभाव और मेहनत के लिए पहचाने जाने वाले ताहा शाह बदुशा न सिर्फ अपने काम के जरिए, बल्कि ऐसे सच्चे और भावुक पलों के ज़रिए भी दर्शकों से एक गहरा रिश्ता बनाते जा रहे हैं। उनका यह दिल से किया गया आभार इस बात की याद दिलाता है कि सफलता कभी अकेले नहीं मिलती और न अकेले की होती है। इसके पीछे अनगिनत दुआएं, भरोसा और साझा सपने होते हैं।

 

admin

Related Posts

कभी मां के साथ बासी खाना खाने वाली भारती सिंह आज नैनी को देती हैं महंगे तोहफे

मुंबई भारती सिंह का एक प्यारा सा वीडियो इस वक्त इंटरनेट पर खूब सुर्खियों में है। इस वीडियो में वो अपने बच्चों की नैनी रूपा दी को उनके बर्थडे पर…

ऋचा चड्ढा नॉन-फिक्शन ट्रैवल और कल्चर सीरीज़ को करेंगी प्रोड्यूस

  मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री और निर्माता ऋचा चड्ढा एक नए और रोमांचक प्रोजेक्ट के साथ अपनी क्रिएटिव दुनिया को आगे बढ़ा रही हैं। ऋचा चड्ढा एक नॉन-फिक्शन सीरीज़ को प्रोड्यूस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति