विजय बंसल ने लिखा कि विधानसभा चुनावों के साथ-साथ पार्टी में वैश्य अग्रवाल समुदाय को प्रतिनिधित्व का अभाव देखने को मिला

चंडीगढ़
हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में लगातार तीसरी बार कांग्रेस की हार के कारणों की जांच करने और हार का विश्लेषण करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने 3 सदस्य की एक समिति का गठन किया है। जो हरियाणा विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों और अन्य नेताओं से बात करेगी और सुझाव भी लेगी।

इसी के मध्य नजर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव एवं पूर्व चेयरमैन हरियाणा सरकार विजय बंसल एडवोकेट ने कांग्रेस पार्टी की जांच कमेटी को पत्र लिखकर हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के अप्रत्याशित परिणामों के संबंध में सुझाव दिए और अपनी प्रतिक्रिया भी दी गई कि कैसे कांग्रेस पार्टी विभिन्न कारणों से सरकार बनाने में सक्षम नहीं हो सकी।

विजय बंसल एडवोकेट ने लिखा कि वे पुराने कांग्रेसी हैं जो 1982 से एनएसयूआई में शामिल हुए थे तभी से पार्टी में हैं और तब से एक सच्चे कांग्रेसी के रूप में पार्टी की सेवा कर रहे हैं और उन्होंने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव और राज्य सरकार में चेयरमैन के रूप में भी काम किया है। विजय बंसल ने कहा लेकिन हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के परिणामों ने मुझे झकझोर दिया है क्योंकि सत्ता विरोधी लहर के बावजूद यह परिणाम अप्रत्याशित हैं क्योंकि प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के विरुद्ध लोगों का गुस्सा था और हर चुनाव सर्वेक्षण में हम पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में सरकार बना रहे थे। बावजूद इसके हम हरियाणा में सरकार बनाने से वंचित रह गए इस विषय में मेरे विचार में कई कारण रहे हैं।
 
विजय बंसल ने लिखा कि विधानसभा चुनावों के साथ-साथ पार्टी में वैश्य अग्रवाल समुदाय को प्रतिनिधित्व का अभाव देखने को मिला। वैश्य अग्रवाल समुदाय हरियाणा की कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत है जो पूरे राज्य में अग्रणी समुदाय है लेकिन इस तथ्य के बावजूद हमारी पार्टी ने अग्रवाल समुदाय के नेताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया। यह एक कड़वी सच्चाई है कि हरियाणा में जातिगत राजनीति और समुदाय के नेताओं को प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है लेकिन यह बहुत चौंकाने वाला तथ्य है कि पूरे 90 विधानसभाओं में से केवल दो टिकट ही अग्रवालों को दिए गए हैं जींद और फरीदाबाद।

यहां तक की मेरे जैसे पुराने नेताओं को भी नजरअंदाज कर दिया गया और 8 संसदीय क्षेत्रों में से लगभग 72 विधानसभा क्षेत्रों में अग्रवालों को एक भी टिकट नहीं दिया गया। इसके अलावा बाकी दो संसदीय क्षेत्रों में भी 18 विधानसभा क्षेत्रों से केवल दो टिकट दिए गए हैं और वह भी उन लोगों को जो पिछले विधानसभा चुनावों में हार गए थे। जबकि अंबाला लोकसभा में वैश्य अग्रवाल समुदाय की संख्या सबसे अधिक है पहले कांग्रेस पार्टी अंबाला लोकसभा की 2 विधानसभा से अग्रवाल समुदाय के दो लोगों को टिकट देती थी लेकिन इस बार इस समुदाय के एक भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया जबकि दूसरी ओर बीजेपी ने अंबाला लोकसभा की 2 विधानसभा क्षेत्र से वैश्य अग्रवाल के दो उम्मीदवार उतारे थे पिछली बार अंबाला से बीजेपी के दोनों उम्मीदवार जीते थे और दोनों को मंत्री भी बनाया गया था।

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