सीरिया की बशर अल असद सरकार ने अलेप्पो की सड़कों और एयरपोर्ट को बंद कर दिया, विद्रोहियों ने किया कत्लेआम

सीरिया
दुनिया के खूबसूरत शहरों में गिने जाने वाले सीरिया के अलेप्पो शहर में इस्लामिक संगठन हयात तहरीर अल शाम (HTS) ने कत्लेआम मचा दिया है। आठ साल बाद एक बार फिर इस्लामिक कट्टरपंथी गुट ने शहर पर हमला करके कब्जा कर लिया है। इसके बाद सीरिया की बशर अल असद सरकार ने अलेप्पो की सड़कों और एयरपोर्ट को बंद कर दिया है। 2016 में ही अलेप्पो से विद्रोहियों को खदेड़ा गया था। अचानक विद्रोही शहर के केंद्र तक घुस गए और कई इलाकों पर कब्जा कर लिया है।

विद्रोहियों की ताकत के आगे एक बार फिर असद की सेना कमजोर साहित हो रही है। सीरिया को भरोसा रहता था कि जरूरत पड़ने पर उसे ईरान औऱ रूस से मदद मिलेगी। ईरान इजरायल के खिलाफ औऱ रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में ही व्यस्त है। इसका फायदा उठाकर विद्रोहियों ने हमला एक बार फिर कर दिया। एचटीएस का दावा है कि उसने अधे से ज्यादा अलेप्पो पर कब्जा कर लिया है। सीरिया 2011 से ही गृह युद्ध की चपेट में है।

बताया जा रहा है कि सीरियाई शासन की मदद के लिए दो दिनों में गोला-बारूद और हथियार पहुंच सकते हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि असद प्रशासन ने सेना को विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके से सुरक्षित निकलने का आदेश दे दिया है। बता दें कि तुर्की इन विद्रोहियों के साथ खड़ा है। अलेप्पो को सीरिया की सांस्कृतिक और आर्थिक राजधानी के तौर पर जाना जाता है। अब यहां पैदा हुए हालात मध्य एशिया में तनाव की एक नई वजह बन सकते हैं।

जानकारी के मुताबिक विद्रोही गुटों ने सीरियाई सरकार के 40 से ज्यादा सैन्य अड्डों पर कब्जा कर लिया है। 2011 में अरब क्रांति के बाद सीरिया में गृह युद्ध शुरू हुआ था। बशऱ अल असद के साथ लोकतंत्र के समर्तकों ने 2000 में ही विरोध शुरू कर दिया था। फ्री सीरियन आर्मी नाम के विद्रोही गुट ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसमें अमेरिका, रूस, ईरान और सऊदी अरब भी शामिल हो गए। इसके बाद यहां आईएसआईएस ने भी पैर पसारे। एक दशक तक चले गृह युद्ध में 3 लाख लोग मारे गए थे। इसके बाद 2020 में सीजफायर का समझौता हुआ था।

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