पीएम जन-मन में पीवीटीजी बहुल 360 गांवों की 432 बसाहटों में नल से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की तैयारी

भोपाल
प्राणवायु के बाद स्वच्छ जल सबकी बुनियादी जरूरत है। राज्य सरकार 'हर घर नल से जल' योजना में सबको स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिये प्रयासरत है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) में विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की बसाहटों में भी विशेष प्राथमिकता से 'नल से स्वच्छ पेयजल' आपूर्ति की व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रदेश में निवासरत बैगा, भारिया एवं सहरिया जनजातियों (पीवीटीजी) की बहुलता वाले 11 जिलों के 360 गांवों की 432 प्रबल पीवीटीजी बसाहटों में यह काम तेजी से जारी है। राज्य सरकार इन बसाहटों में रहने वाले 5 हजार 783 पीवीटीजी परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन देकर सामुदायिक रूप से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की स्थायी व्यवस्था कर रही है। इन सभी बसाहटों में फिल्हाल तेजी से काम जारी है, जिसे 31 दिसम्बर 2024 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। इस पूरे काम में 60 करोड़ 19 लाख 95 हजार रूपये व्यय किये जा रहे हैं।

जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया कि पीवीटीजी समुदाय के सभी जनजातीय बंधुओं को 'नल से जल' उपलब्ध कराने के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। सबको स्वच्छ जल प्रदान करने के लिये लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग योजनाबद्ध रूप से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि पीएम जन-मन योजना में उमरिया जिले के सर्वाधिक 91 गांवों की 102 पीवीटीजी बसाहटों, मंडला जिले के 61 गांवों की 61 बसाहटों, अनूपपुर जिले के 55 गांवों की 57 बसाहटों, छिंदवाड़ा जिले के 41 गांवों की 73 बसाहटों, शहडोल जिले के 38 गांवों की 39 बसाहटों, विदिशा जिले के 26 गांवों की 50 बसाहटों, डिंडोरी जिले के 22 गांवों की 24 बसाहटों, सीधी जिले के 13 गांवों की 13 बसाहटों, बालाघाट जिले के 8 गांवों की 8 बसाहटों, छिंदवाड़ा जिले के 4 गांवों की 4 बसाहटों तथा नरसिंहपुर जिले के 1 गांव की 1 पीवीटीजी बसाहट में हर घर नल से स्वच्छ जल आपूर्ति के लिये तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि पीएम जन-मन में पीएचई ने 3 हजार 928 पीवीटीजी बहुल गांवों की 5 हजार 161 बसाहटों में हर घर नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इसके अतिरिक्त पीएचई द्वारा अन्य योजना से 3 लाख 15 हजार 82 परिवारों को नल से स्वच्छ जल प्रदान कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इनमें से एक लाख 56 हजार 600 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन दे दिये गये हैं। शेष 1 लाख 58 हजार 391 परिवारों को नल से जल प्रदाय के लिये मैदानी अमला मिशन मोड पर काम कर रहा है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति