तमिलनाडु में पलानीस्वामी पड़े नरम तो अन्नामलाई भी पिघले, मिले गठबंधन के संकेत

चेन्नई
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और एआईएडीएमके के बीच तल्खी कम होती नजर आ रही है। दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं ने गठबंधन के संकेत दिए हैं। एआईडीएमके के प्रमुख ई के पलानीस्वामी से जब बीजेपी से गठबंधन की संभावनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 6 महीने इंतजार करिए। उन्होंने मेलमिलाप की संभावनाओं को खारिज नहीं किया। दूसरी ओर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के.अन्नामलाई ने भी ऐसे ही एक सवाल के जवाब में डिप्लोमैटिक बयान देते हुए कहा कि राजनीति में कोई किसी का स्थायी दुश्मन नहीं होता है। हमारा लक्ष्य एक ही है, डीएमके को हराना। दिसंबर में भी उन्होंने संकेत देते हुए कहा था कि गठबंधन पर फैसला करने के लिए पर्याप्त समय है। देखते हैं कि 2025 में यह कैसे आगे बढ़ता है।
अकेले लड़कर अन्नामलाई ने बढ़ाया बीजेपी का वोट प्रतिशत

बीजेपी और एआईएडीएमके कई चुनाव साथ लड़ चुकी है, हालांकि 1998 के बाद कई बार दोनों के रिश्ते जुड़े और टूटे भी। सितंबर 2023 में बीजेपी नेता अन्नामलाई ने द्रविड़ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई को लेकर बयान दिया। अपने बयान में उन्होंने दावा किया कि अन्नादुरई ने 1956 में मदुरै में एक कार्यक्रम में हिंदू धर्म का अपमान किया था, इस कारण उन्हें छिपना पड़ा और माफी मांगनी पड़ी। उनके इस बयान के बाद दोनों पार्टियों के रिश्ते तल्ख हो गए। एआईडीएमके अन्नामलाई के इस्तीफे और माफीनामे पर अड़ गई, फिर गठबंधन टूट गया। 2024 के लोकसभा चुनाव के पहले नजदीक आने की चर्चा चली मगर बीजेपी नेता अन्नामलाई ने एआईडीएमके से गठबंधन का विरोध किया था। लोकसभा चुनाव में अन्नामलाई ने की मेहनत रंग लाई और तमिलनाडु में बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ गया।
बीजेपी से अलग होने पर एआईएडीएमके का नुकसान

2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके को 37.70 फीसदी और एआईएडीएमके को 33.29 फीसदी वोट मिले थे। एआईएडीएमके के साथ चुनाव लड़ने वाली बीजेपी को 2.62 प्रतिशत वोट मिले थे और 4 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। लोकसभा चुनाव में बीजेपी क्षेत्रीय पार्टी पीएमके, डीएमडीके और आईजेके साथ चुनाव लड़ी। लोकसभा चुनाव में बीजेपी को तमिलनाडु में एक भी नहीं मिली, मगर वोट प्रतिशत 11.24 हो गया। एनडीए गठबंधन को 18.28 प्रतिशत वोट मिला जबकि गठबंधन तोड़ने के बाद एआईएडीएमके का वोट प्रतिशत खिसककर 20.46 प्रतिशत पर पहुंच गया। विधानसभा चुनाव के मुकाबले एआईडीएमके के वोट में करीब 12.5 फीसदी की गिरावट हुई।

बीजेपी ने पैर पसारे तो डीएमके का वोट भी घटा

दूसरी ओर, लोकसभा चुनाव में 22 सीट जीतने के बाद भी डीएमके के वोट 6.59 फीसदी की गिरावट हुई। 2021 के विधानसभा के मुकाबले पार्टी को करीब 11 फीसदी का नुकसान हुआ। उसे 26.93 फीसदी वोट मिले जबकि सात पार्टियों वाले इंडिया गठबंधन को 46.97 प्रतिशत वोट मिले। डीएमके को गठबंधन में चुनाव लड़ने का तगड़ा फायदा मिला।

तीन बड़ी पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावना बढ़ी

अब विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना बन रही है। फिल्म स्टार थलापति विजय अपनी नई पार्टी तमिलग वेट्री कषगम (टीवीके) के साथ मैदान में कूद चुके हैं और सियासी जमीन की तलाश में जुटे हैं। बीजेपी ने अपनी ताकत बढ़ाई है और पैर मजबूत करने की तैयारी कर रही है। जयललिता के निधन के बाद अंतर्कलह से जूझ रही एआईएडीएमके दोबारा सत्ता हासिल करने के लिए तत्पर है। अगर तीनों पार्टियां गठबंधन करती हैं तो राज्य में उलटफेर की संभावना बढ़ जाएगी।

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