ट्रंप के चार वरिष्ठ सहयोगियों ने यूक्रेन के विपक्षी नेताओं से गुप्त बैठकें की, जेलेंस्की की सत्ता पर बड़ा खतरा मंडरा रहा

कीव/वाशिंगटन
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की सत्ता पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चार वरिष्ठ सहयोगियों ने यूक्रेन के विपक्षी नेताओं से गुप्त बैठकें की हैं, जिससे देश में तख्तापलट की अटकलें तेज हो गई हैं। अमेरिका और यूरोप के राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर रखने वाले समाचार पोर्टल POLITICO ने इस अहम रिपोर्ट का खुलासा किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में वाइट हाउस की बैठक के दौरान ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तीखी तकरार हुई थी। बैठक बीच में ही रद्द हुई और उसके तीन दिन बाद अमेरिका ने यूक्रेन को सभी सैन्य सहायता देने पर रोक लगा दी।

ट्रंप सहयोगियों की गुप्त मीटिंग से बढ़ी हलचल
रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन की प्रमुख विपक्षी नेता यूलिया तिमोशेंको और पूर्व राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ ट्रंप के सहयोगियों की बैठकें हुईं। तीन यूक्रेनी सांसदों और एक अमेरिकी रिपब्लिकन विदेश नीति विशेषज्ञ के हवाले से कहा गया है कि इस चर्चा का मुख्य विषय यूक्रेन में जल्द से जल्द राष्ट्रपति चुनाव कराना था।

जेलेंस्की की सत्ता खतरे में?
यूक्रेन तीन साल से युद्ध झेल रहा है। अरबों की संपदा खाक हो चुकी है, करोड़ों लोग पलायन कर चुके हैं और लाखों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। इस जंग में भले ही रूस पूरी तरह से यूक्रेन पर कब्जा नहीं कर पाया, लेकिन पांच शहरों पर रूस ने अपनी आंशिक जीत सुनिश्चित कर दी है। अब यूक्रेन में तख्तापलट की आहट से राष्ट्रपति जेलेंस्की की सत्ता पर लगातार चुनौतियां बढ़ गई है। अमेरिकी रिपब्लिकन नेताओं का यूक्रेनी विपक्षी नेताओं से मिलना बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत दे रहा है।

रूस और ट्रंप भी चाह रहे राष्ट्रपति चुनाव
पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और फिर डोनाल्ड ट्रंप भी संकेत दे चुके हैं कि यूक्रेन में जल्द से जल्द राष्ट्रपति चुनाव होने चाहिए। दोनों की नजर में यूक्रेन में शांति जेलेंस्की की विदाई के बाद ही संभव है। सूत्रों के मुताबिक, यूक्रेन के विपक्षी नेताओं की ट्रंप के सहयोगियों संग बैठक में चर्चा का मुख्य बिंदु यह था कि क्या यूक्रेन में जल्द राष्ट्रपति चुनाव संभव है। जेलेंस्की को इस बात का भी डर है कि कि युद्ध के बीच यूक्रेन में चुनाव रूस को फायदा पहुंचा सकता है।

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