वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन से अपने साथी वकील से अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की मांग की

तिरुवनंतपुरम
केरल हाई कोर्ट में आज तब अजीबोगरीब हालात पैदा हो गए, जब वकीलों के समूह ने जस्टिस ए बदरुद्दीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन से अपने साथी वकील से अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की मांग की। दरअसल, हाई कोर्ट के वकील इस बात से नाराज हैं कि जस्टिस बदरुद्दीन ने दिवंगत वकील एलेक्स स्कारिया की पत्नी और महिला वकील से अपमानजनक बातें की, जिसने हाल ही में अपने पति को खो दिया था। नाराज वकील आज जस्टिस बदरुद्दीन की कोर्ट में जमा हो गए लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे।

गुरुवार यानी 6 मार्च को जब महिला वकील ने जस्टिस बदरुद्दीन से वकालतनामा बदलने के लिए कुछ और समय देने का अनुरोध किया, क्योंकि उसके पति का इस साल जनवरी में निधन हो गया था, तब जस्टिस बदरुद्दीन ने असभ्य व्यवहार और तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि कौन है एलेक्स स्कारिया? जज साहब के इस व्यवहार से नाराज वरिष्ठ वकील जॉर्ज पूनथोट्टम और हाई कोर्ट में वकालत करने वाले कई अन्य वकीलों ने बाद में केरल हाई कोर्ट अधिवक्ता संघ (KHCAA) की तत्काल आम सभा की बैठक बुलाने का प्रस्ताव पेश किया। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि चूंकि जस्टिस बदरुद्दीन ने बेहद अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी की है, और एक दिवंगत साथी का भी अपमान किया है,इसलिए उन्हें माफी मांगने को कहा जाएगा।

वकीलों ने बुलाई तत्काल बैठक
वकीलों ने तर्क दिया कि इस तरह का आचरण न केवल बेंच के लिए अनुचित है, बल्कि दिवंगत स्कारिया की स्मृति का भी अनादर है, जिसके लिए जस्टिस बदरुद्दीन को माफी मांगनी चाहिए। इसी प्रस्ताव के मुताबिक आज वकीलों का समूह जस्टिस बदरुद्दीन के कोर्ट में जमा हुआ था लेकिन जज वहां नहीं पहुंच सके। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि KHCAA ने आज सुबह 10 बजे एक तत्काल आम सभा की बैठक बुलाई गई, जिसमें वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन की अदालत में सामूहिक रूप से इकट्ठा होकर माफी मांगने की मांग करने का फैसला किया। हालांकि, ऐसी कोई माफी नहीं मांगी गई।

कोर्ट नहीं पहुंचे जज साहब
हाई कोर्ट रजिस्ट्री की तरफ से बताया गया कि आज दोपहर तक जज बेंच में नहीं बैठेंगे। बाद में उसे बढ़ाकर दिनभर कर दिया गया। बाद में एक प्रस्ताव आया कि जस्टिस बदरुद्दीन खुली अदालत में नहीं बल्कि अपने चैंबर में माफी मांगने को तैयार हो गए हैं लेकिन KHCAA के अध्यक्ष यशवंत शेनॉय सहित वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन की चैंबर में माफी मांगने की पेशकश को ठुकरा दिया। इसके बाद सभी वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन की कोर्ट का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इस गतिरोध को देखते हुए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नितिन जामदार ने हस्तक्षेप करने का भरोसा दिया है और कहा है कि सप्ताहांत तक इस मुद्दे का समाधान कर लिया जाएगा। वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन के व्यवहार और आचरण पर आपत्ति जताई है।

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