सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप को धारावी प्रोजेक्ट में राहत दी, प्रोजेक्ट पर कोई रोक नहीं लगाई जाए

मुंबई

धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गौतम अडानी को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अडानी ग्रुप की ओर से चलाए जा रहे इस प्रोजेक्ट पर कोई रोक नहीं लगाई जाएगी। दुबई की कंपनी सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प (Seclink Technologies Corp) ने इस प्रोजेक्ट को अडानी ग्रुप को देने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। इसी के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। इसे एशिया का सबसे बड़ा शहरी पुनर्वास कार्यक्रम माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। इनमें अडानी प्रॉपर्टीज, महाराष्ट्र सरकार और दुबई की सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्प शामिल हैं। सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज ने पहले बॉम्बे हाई कोर्ट में महाराष्ट्र सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। उसका कहना था कि उसकी बोली अडानी ग्रुप से बेहतर थी। दिसंबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेक्लिंक की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि सेक्लिंक के तर्क में दम नहीं है। सरकार को ऐसे प्रोजेक्ट के लिए सही बोली चुनने का अधिकार है।

क्या कहा कोर्ट ने?

CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने सेक्लिंक से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उसकी 8,640 करोड़ रुपये की बोली अडानी की 5,069 करोड़ रुपये की बोली से काफी ज्यादा है।

हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सेक्लिंक को अडानी की ओर से पहले से तय की गई सभी शर्तों का पालन करना होगा। इनमें रेलवे को 1000 करोड़ रुपये का लीज भुगतान, 2800 करोड़ रुपये का क्षतिपूर्ति भुगतान और 812 रेलवे क्वार्टर का निर्माण शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलें कोर्ट में पेश की जाएं। अगली सुनवाई 25 मई को होगी।

अलग बैंक अकाउंट रखना होगा

सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप को एक अलग बैंक खाता रखने का निर्देश दिया है। इस खाते में प्रोजेक्ट से जुड़े सभी लेन-देन होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि निर्माण और तोड़फोड़ का काम शुरू हो चुका है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट और रूल्स के अनुसार उचित खाते, जिसमें चालान आदि शामिल हैं, रखे जाएंगे। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि कोई विशेष इक्विटी का दावा नहीं किया जाएगा। कॉन्ट्रैक्ट का अंतिम फैसला अपील के नतीजे पर निर्भर करेगा।

क्या है धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट?

अडानी ग्रुप की रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज नवंबर 2022 में सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी। इसे धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड में 80% हिस्सेदारी मिली। महाराष्ट्र सरकार के पास बाकी 20% हिस्सेदारी है।

यह प्रोजेक्ट 600 एकड़ जमीन पर फैला है। इसमें 296 एकड़ जमीन के पुनर्विकास की योजना है, जबकि माहिम नेचर पार्क जैसे खुले स्थानों को संरक्षित रखा जाएगा। धारावी में 8,50,000 से ज्यादा लोग रहते हैं। अस्थायी आबादी को मिलाकर यह संख्या 10 लाख से भी ज्यादा है। यह मुंबई का सबसे घनी आबादी वाला क्षेत्र है।

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