पिपराझांपी के प्राचीन मंदिर को विधायक एवं कलेक्टर की पहल से मिलेगा एक नया रूप

श्रद्धालुओं को देवी दर्शन के लिए मिलेगा सुगम रास्ता

सिंगरौली

जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूरी पर ग्राम पिपराझांपी स्थित है । इस ग्राम के समीप एक पहाड़ी स्थित है जिसकी ऊंचाई लगभग 1050 मीटर है । पहाड़ी के शीर्ष पर  देवी माता का एक प्राचीन मंदिर स्थित है । किंतु उस मंदिर तक जाने के लिए कोई रास्ता या सीढ़ियां उपलब्ध नहीं है । जबकि प्रतिदिन आसपास एवं दूरस्थ क्षेत्रों से कई व्यक्ति प्रतिदिन  देवी दर्शन करने एवं सामाजिक कार्यों के लिए आते हैं । इसी प्रकार विभिन्न पारंपरिक दिवसों के अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हजार तक पहुंच जाती है। अतः श्रद्धालुओं के आवेदन पर आवागमन सुगम बनाने के लिए एक सड़क की अत्यंत आवश्यकता थी । जिसे  एनसीएल के सी.आस.आर मद से स्वीकृत कराई गई है जिसका आज दिनांक 08 मार्च 2025 को देवसर विधानसभा के विधायक राजेन्द्र मेश्राम एवं कलेक्टर श्री शुक्ला के द्वारा विधिवत भूमि पूजन किया गया। शीघ्र ही इस पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा । भूमि पूजन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदरलाल शाह, सरपंच ग्राम पंचायत पिपराझांपी सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे । इस दौरान ग्राम वासियों के द्वारा  मंदिर में पानी की व्यवस्था बिजली व्यवस्था की मांग रखी गई जिससे कलेक्टर द्वारा संज्ञान में लेते हुए स्वीकृति प्रदान किया गया। इस पर कार्य जल्द ही प्रारंभ कर दिया जाएगा। सडक निर्माण की  स्वीकृती से ग्रामीणों में हर्ष व्यप्त है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति