निर्माणाधीन इमारत में पानी की टंकी की सफाई कर रहे 5 मजदूरों की दम घुटने से मौत, दर्दनाक हादसा

मुंबई
मुंबई के नागपाड़ा इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक निर्माणाधीन इमारत में पानी की टंकी की सफाई कर रहे 5 मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा?
रविवार को कुछ मजदूर निर्माणाधीन बिल्डिंग की पानी की टंकी साफ कर रहे थे। अचानक दम घुटने की वजह से वे बाहर नहीं निकल पाए और उनकी जान चली गई। जब काफी देर तक मजदूर बाहर नहीं आए तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।

पुलिस ने शवों को निकाला
सूचना मिलते ही नागपाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से मजदूरों के शवों को बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने बताया कि मजदूरों की मौत पानी की टंकी में दम घुटने से हुई है। इस मामले में निर्माणाधीन इमारत के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। मृतकों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति