डिसूजा महाकाल मंदिर पहुंचे:भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का लिया आशीर्वाद

उज्जैन

कोरियोग्राफर, फिल्म निर्देशक और निर्माता रिमो डिसूजा सोमवार को बाबा महाकाल के दरबार में भस्म आरती के दर्शन करने पहुंचे। जहां उन्होंने भारतीय पोशाक पहनकर बाबा महाकाल की भस्म आरती देखी और दो घंटे की भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल की भक्ति में लीन रहने के साथ ही जय महाकाल का उद्घोष करते हुए भी दिखाई दिए।

महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित यश गुरु ने बताया कि रेमो डिसूजा एक भारतीय कोरियोग्राफर, फिल्म निर्देशक और निर्माता हैं। वे अब तक 100 से अधिक फिल्मों में कोरियोग्राफी कर चुके हैं। उन्हें बॉलीवुड उद्योग में सबसे सफल और प्रसिद्ध कोरियोग्राफर माना जाता है और उन्होंने कई भारतीय कोरियोग्राफरों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में काम किया है। इसके अतिरिक्त, वह लगातार सात सीज़न के लिए डांस रियलिटी शो डांस प्लस में जज रह चुके हैं।

सुबह बाबा महाकाल की भस्म आरती देखने के लिए मंदिर पहुंचे थे। जहां उन्होंने सोला और दुपट्टा डालकर नंदी हॉल में प्रवेश किया और यहां पर बाबा महाकाल की जय जयकार करने के साथ बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन करते रहे भस्म आरती के दौरान आपने कभी तालियां बजाई तो कभी एक टक बाबा महाकाल के स्वरूप के दर्शन किए।

इस दौरान पूजन अर्चन पंडित यश गुरु के द्वारा करवाया गया। बाबा महाकाल की पूजा अर्चना और दर्शन करने के बाद रेमो डिसूजा ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मैं बाबा महाकाल का अनन्य भक्त हूं, जो की समय-समय पर महाकाल मंदिर आते ही रहता हूं। आपने महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन व्यवस्था की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था काफी अच्छी है। अन्य मंदिरों में भी इसी मंदिर की तरह दर्शन व्यवस्था होना चाहिए। अच्छे से दर्शन करवाने के लिए मंदिर के पुजारी और श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति को धन्यवाद भी दिया।

अगस्त 2024 में भी महाकाल आए थे रेमो
इसके पहले अगस्त 2024 को रेमो डिसूजा सपरिवार बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। अलसुबह होने वाली भस्म आरती में सभी नंदी हाल में करीब दो घंटे तक बैठकर भगवान की आरती में शामिल हुए थे। बता दें, रेमो पत्नी और बच्चों के साथ दर्शन करने पहुंचे थे। भस्म आरती के बाद रेमो डिसूजा ने यह भी कहा था कि मैंने यहां एक अलग ही अनुभव महसूस किया है। भस्म आरती मैंने पहली बार देखी है, महाकाल के दर्शन इस तरह से भव्य स्वरूप में होंगे कभी सोचा नहीं था।

 

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