आंबेडकर, अटल, ठाकरे और संभाजी की याद में बनेंगे मेमोरियल, 220 करोड़ रुपये की राशि आवंटित

मुंबई

महाराष्ट्र विधानसभा में फाइनेंस मिनिस्टर अजित पवार ने राज्य का बजट पेश किया। इस बजट में उन्होंने कई जनकल्याणकारी योजनाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर का ऐलान किया तो वहीं कई स्मारकों की भी घोषणा की। अजित पवार ने बजट में संभाजी महाराज के नाम पर स्मारक बनाने का ऐलान किया है। इसके अलावा इंदु मिल्स में बने आंबेडकर मेमोरियल का काम जल्दी ही पूरा करने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि संगमेश्वर में छत्रपति संभाजी महाराज का स्मारक बनेगा। वहीं बाबासाहेब ठाकरे का भव्य स्मारक भी मुंबई में बड़ी लागत से बन रहा है। इस बजट में इस स्मारक के दूसरे चरण के लिए ही 220 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है। इससे समझा जा सकता है कि कितना बजट स्मारकों के लिए आवंटित हुआ है।

देवेंद्र फडणवीस सरकार के इस बजट में मराठी अस्मिता पर खासा जोर दिया गया है। वित्त मंत्री अजित पवार ने ऐलान किया कि यूपी के आगरा में महाराज छत्रपति शिवाजी का एक स्मारक बनेगा। यह स्मारक उस स्थान पर बनेगा, जहां से मुगलों की कैद से छूटकर शिवाजी निकले थे। इसके अलावा तमिलनाडु और दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में हिंदी बनाम क्षेत्रीय भाषाओं वाले विवाद के बीच एक और अहम फैसला हुआ है। महाराष्ट्र सरकार ने 3 अक्टूबर को मराठी भाषा सम्मान दिन मनाने का ऐलान किया है। यह हिंदी दिवस की तर्ज पर ही मनाया जाएगा। बता दें कि हाल ही में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने यह सवाल भी उठाया था कि आखिर हिंदी भाषा की तरह अन्य भाषाओं के लिए कोई दिवस क्यों नहीं है।

महाराष्ट्र सरकार ने अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के मौके पर उनका स्मारक बनाने का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि स्मारकों के बहाने महाराष्ट्र सरकार ने कई समुदायों को साधने का प्रयास किया है। आंबेडकर स्मारक के नाम पर उसने एक तरफ दलित अस्मिता को सम्मान दिया है तो वहीं अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्मारक बनाने से उत्तर भारतीयों और राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों को लुभाया जा सकेगा। मराठी अस्मिता की बात हो तो बालासाहेब ठाकरे का जिक्र जरूरी हो जाता है। यही कारण है कि हर दल उनकी विरासत पर दावा करता है। इसी वजह से उनके स्मारक के लिए भी मोटा फंड आवंटित करने का ऐलान किया है। संभाजी महाराष्ट्र और छत्रपति शिवाजी तो महाराष्ट्र के लिए भावनात्मक विषय हैं, जिसका बजट में बखूबी ध्यान रखा गया है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति