बीजेपी के दिग्गज नेता का निधन, एमपी में शोक की लहर

भोपाल

मध्य प्रदेश में बीजेपी के सीनियर नेता के निधन की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक और भोपाल में बीजेपी के जिलाध्यक्ष रह चुके सुरेंद्र नाथ सिंह का निधन हो गया है. वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे, भोपाल में उन्हें 'मम्मा' के नाम से जाना जाता था. सुरेंद्र नाथ सिंह बीजेपी में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके थे, उन्हें फायरब्रांड हिंदू नेता माना जाता था और वह भोपाल समेत आसपास के जिलों में सक्रिए रहते. हालांकि पिछले कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था, जिसके चलते उन्हें कई बार अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था. स्वास्थ्य के चलते ही उन्होंने पिछला चुनाव भी नहीं लड़ा था.

भोपाल मध्य से रह चुके थे विधायक

सुरेंद्र नाथ सिंह (मम्मा) भोपाल मध्य विधानसभा सीट से विधायक भी रह चुके थे, भोपाल में वह बीजेपी के सीनियर नेता थे, सुरेंद्र नाथ सिंह बीजेपी जिला अध्यक्ष और बीडीए के अध्यक्ष भी रह चुके थे. पिछले लंबे समय से बीमार चल रहे थे, उनके परिजनों ने बताया कि पिछले दिनों उनकी हार्ट सर्जरी भी हुई थी. लेकिन उनके स्वास्थ्य में ज्यादा सुधार नहीं दिखा था. वह भोपाल के अस्पताल में भर्ती हुए थे.

हाल ही में हुई थी हार्ट सर्जरी

बताया जा रहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र नाथ सिंह (मम्मा) की हाल ही में हार्ट सर्जरी भी हुई थी. वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे. सुरेंद्रनाथ सिंह भाजपा की सक्रिय राजनीति से काफी समय से दूर थे, इसके बावजूद पार्टी में उनकी एक अलग ही पहचान थी. उन्होंने भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर रहते हुए भोपाल के विकास व जनकल्याण के लिए कई कार्य किए.

प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जताया दुख

मध्यप्रदेश भाजापा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने सुरेंद्रनाथ सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, '' भोपाल नगर के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक एवं बीडीए के पूर्व अध्यक्ष श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकमय परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति:
शिवराज सिंह के करीबी थे 'मम्मा'

भोपाल में 'मम्मा' के नाम से मशहूर रहे सुरेंद्रनाथ सिंह शिवराज सिंह के काफी करीबी माने जाते थे. उनके असामयिक निधन पर पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया है. सुरेंद्रनाथ सिंह लंबे समय से भाजपा और आरएसएस के लिए काम कर रहे थे. उनकी गिनती भाजपा के कट्टर नेताओं में की जाती थी.
कैलाश विजयवर्गीय ने जताया दुख

वरिष्ठ भाजपा नेता व कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, '' भाजपा मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता और भोपाल के पूर्व विधायक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संघर्ष के साथी श्री सुरेंद्र नाथ सिंह जी के असमय निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति दें. ॐ शांति.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति