मासूम बेटे पर बैठ गई 154 किलो की मां, दबकर हो गई मौत

इंडियाना
अमेरिका से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 150 किलो से ज्यादा वजनी महिला के ऊपर बैठने के कारण 10 साल के बेटे की मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। खबर है कि महिला फॉस्टर यानी बच्चे की पालक मां थी। वहीं, महिला ने भी बच्चे के ऊपर बैठने की बात स्वीकार की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 साल के बच्चे की पहचान डकोटा लिवाई स्टीवन्स के तौर पर हुई है। वह इंडियाना का रहने वाला था। वहीं, महिला की पहचान 48 साल की जेनिफर ली विल्सन बताई जा रही है, जिसका वजन करीब 154 किलो है। वह कथित तौर पर बच्चे पर यह सोचकर बैठ गई थीं कि वह परेशानी में होने का नाटक कर रहा है। विल्सन को 6 साल की जेल हुई है।

घटना 25 अप्रैल 2023 की है। तब पुलिस को विल्सन के घर पर स्टीवन मिला था। तब वह बेहोश था। जांच में अधिकारियों को उसकी गर्दन और सीने पर चोट के निशान मिले। लड़के ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, विल्सन ने जांच अधिकारियों को बताया है कि लड़का घर से भाग कर पड़ोसी के पास पहुंच गया था।

उसका दावा है कि जब लड़के को वापस लाया गया, तब भी वह बुरा बर्ताव कर रहा था और घर छोड़ने की कोशिश कर रहा था। महिला ने स्वीकार किया है कि वह लड़के पर करीब 5 मिनट तक बैठी रहीं। उस दौरान उन्हें लगा कि लड़का नाटक कर रहा है, लेकिन जब उसने जवाब नहीं दिया तो महिला ने सीपीआर की कोशिश की और पुलिस को खबर की।

महिला ने कोर्ट को बताया है कि वह सिर्फ लड़के को घर छोड़ने से जाने से रोकना चाहती थीं। ऑटोप्सी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि स्टीवन की मौत मैकेनिकल एस्फिक्सिया से हुई है और मौत के तरीके को हत्या माना गया है। उसे फेफड़ों और लिवर पर गंभीर चोटें आई थीं।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति