आतंकवादियों ने पाकिस्तान में एक यात्री ट्रेन पर गोलीबारी की, 500 लोगों को बनाया बंधक, 6 को उतारा मौत के घाट

क्वेटा
पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। आतंकवादियों ने मंगलवार को दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में एक यात्री ट्रेन पर गोलीबारी की। इस गोलीबारी में ट्रेन का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है। जानकारी के अनुसार आंतकियों ने इस ट्रेन को हाईजैक कर लिया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा से खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर जा रही थी, तभी उस पर गोलीबारी की गई।

बीएलए ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस घटना पर अधिकारियों ने एक बयान में बताया कि उग्रवादी अलगाववादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अधिकारियों ने बताया कि इस संगठन ने सुरक्षा बलों सहित ट्रेन में सवार सैकड़ों लोगों को बंधक बना लिया है।

हमले के बाद एक्शन में अधिकारी
अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर सुरक्षा बलों को भेजा गया है और जांच की जा रही है। जानकारी दें कि पाकिस्तान का बलूचिस्तान क्षेत्र एक संसाधन संपन्न इलाका है। हालांकि, इस क्षेत्र में हमेशा संघर्ष की घटनाओं को देखा गया है।

ट्रेन में 450 से अधिक यात्री सवार
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर गोलीबारी की गई है। रेलवे नियंत्रक मुहम्मद काशिफ ने बताया कि इस ट्रेन में करीब 450 से अधिक यात्री सवार हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेन को सुरंग संख्या 8 में हथियारबंद लोगों ने रोक लिया। यात्रियों और कर्मचारियों से संपर्क करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अस्पतालों को दिए गए ये निर्देश
इस घटना पर सरकार का बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया कि सिबी अस्पताल में आपातकाल लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही एंबुलेंस और सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि जहां पर ये घटना हुई है वह पहाड़ी इलाका है, जिस कारण अधिकारियों को वहां पर पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

हमले में छह की मौत
जानकारी के अनुसार पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसने 100 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया है। इस संबंध में एक बयान जारी करते हुए बीएलए ने कहा कि बलूच लिबरेशन आर्मी ने मशकफ, धादर, बोलन में एक रणनीतिक अभियान चलाया है, जिसमें जाफर एक्सप्रेस को पटरी से उतारकर उस पर नियंत्रण कर लिया गया है। प्रतिरोध के दौरान, छह सैन्यकर्मी मारे गए, जबकि 100 से अधिक यात्रियों को बीएलए ने हिरासत में ले लिया है।

घटनास्थल पर पहुंच रहे अधिकारी
अधिकारियों ने एक बयान में कहा कि रेलवे विभाग ने बचाव के लिए घटनास्थल पर और ट्रेनें भेजी हैं। घटना के पैमाने और आतंकवादी तत्वों की संभावना का पता लगाया जा रहा है।
इस घटना के बाद सरकार एक्शन मोड में है। बलूचिस्तान सरकार ने आपातकालीन उपाय करने और सभी संस्थानों को सक्रिय रहने का आदेश दिया है।
ट्रेन हाईजैक की घटना के बीच अधिकारी सतर्क हैं और उन्होंने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान ना दें।

बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों पर हुए कई हमले
आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच हमेशा बलूचिस्तान में मुठभेड़ देखने को मिलती रही है। बलूचिस्तान में अलगाववादी समूहों द्वारा स्वतंत्रता की मांग को लेकर लंबे समय से विद्रोह चल रहा है। हाल के कुछ सालों की घटनाओं पर नजर डालें तो बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और नागरिकों पर बार-बार हमले हुए हैं।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति