राज्यसभा में आज सरकार ने बताई रेलवे की उपलब्धि, विपक्ष बोला – ‘नहीं मिल रही हादसों से मुक्ति’

नई दिल्ली
राज्यसभा में बुधवार को रेल मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष के सांसदों ने कहा कि बीते 10 साल के दौरान रेल नेटवर्क में सराहनीय वृद्धि हुई है। वहीं, विपक्ष के सांसदों ने सुरक्षा और रेल यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रेल हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद माया नारोलिया ने कहा कि साल 2023 तक भारतीय रेलवे के ब्रॉड गेज नेटवर्क का 85 फीसदी से अधिक विद्युतीकरण हो चुका था, जबकि साल 2014 में यह केवल 45 प्रतिशत था। इसके साथ ही भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े हरित रेल नेटवर्क में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि 30 हजार किलोमीटर से अधिक नई पटरियां बिछाई गई हैं और 15 हजार किलोमीटर से अधिक मार्गों का दोहरीकरण कर लिया गया है। इससे रेलवे की दक्षता में वृद्धि हुई है।

माया नारोलिया ने कहा कि 2024 तक 51 वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत हो चुकी है। ये ट्रेनें विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस हैं और 160-180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने में सक्षम हैं। राजद के राज्यसभा सांसद संजय यादव ने कहा कि अभी होली का त्योहार है और हर ट्रेन में क्षमता से ज्यादा लोग हैं। उन्होंने रेल में लोगों को सुविधाएं देने की आवश्यकता की बात कही। उन्होंने कहा कि टिकट की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रीमियम ट्रेनें चलाना अच्छी बात है, लेकिन जो पुरानी पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनें हैं, उन्हें बंद नहीं करना चाहिए, उनमें कोच की संख्या कम नहीं की जानी चाहिए।

पहले प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए तेलंगाना से कांग्रेस सांसद अनिल कुमार यादव ने कहा पं. जवाहर लाल नेहरू ने भारतीय रेल का राष्ट्रीयकरण किया था। उन्होंने कई रेलवे जोन स्थापित किए। वहीं, इंदिरा गांधी के कार्यकाल में पहली राजधानी ट्रेन चलाई गई। इंदिरा गांधी ने ही कोलकाता में पहली मेट्रो रेल का उद्घाटन किया था।

यादव ने कहा कि लोग आज यात्री ट्रेन में यात्रा करने से डर रहे हैं। यात्रियों के इस डर का एक बड़ा कारण लगातार होते रेल हादसे हैं। पिछले छह महीने में ही कई रेल हादसे हुए हैं। उन्होंने बीते दो साल में हुए कई रेल हादसों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फरवरी 2024 में जम्मू के कटरा से होशियारपुर रूट पर बिना ड्राइवर एक मालगाड़ी चली गई। 60 किलोमीटर चलने के बाद इस ट्रेन को रोका जा सका।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि 16 फरवरी 2025 को जिस तरह से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अंदर भगदड़ मची, उसमें 18 लोगों की मौत हुई। इसका जिम्मेदार कौन है? वे लोग कुंभ जाना चाहते थे, वहां जाकर कुंभ में स्नान करना चाहते थे।

महिला सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि कोयंबटूर से तिरुपति के बीच चलने वाली एक ट्रेन में गर्भवती महिला का यौन शोषण किया गया। इतना ही नहीं, महिला को ट्रेन से बाहर फेंक दिया गया। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनों की गति 180 से 200 किलोमीटर तक जा सकती है, लेकिन वंदे भारत ट्रेन केवल 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही है। इसका कारण यह है कि हमारे पास वंदे भारत चलाने के लिए फास्ट ट्रैक और उनके रखरखाव की सुविधा नहीं है।

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