विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा यह बजट : मंत्री सिलावट

भोपाल
जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विकसित मध्यप्रदेश 2047 का विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। वित्त एवं उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा आज वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत बजट विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि वर्ष 2024-25 के बजट की तुलना में इस बजट में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग के अंतर्गत वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट प्रावधान 7248 करोड़ 17 लाख 3 हजार रूपये था, जिसे इस वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बढ़ाकर 9196 करोड़ 21 लाख 58 हजार रूपये किया गया है।

मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि जल संसाधन विभाग के अंतर्गत बांध तथा संलग्न कार्य के लिए रूपये 3930 करोड़, कार्यपालिक स्थापना के लिए रूपये 1225 करोड़, नहर तथा उससे संबंधित निर्माण कार्य के लिए रूपये 1061 करोड़, केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए रूपये 700 करोड़, लघु एवं लघुतम सिंचाई योजनाएं के लिए रूपये 501 करोड़, कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना के लिए रूपये 300 करोड़, लघु सिंचाई योजना के लिए रूपये 200 करोड़, बांध तथा नहरें के लिए रूपये 193 करोड़, नहरें तथा तालाब के लिए रूपये 162 करोड़, अन्य लघु सिंचाई निर्माण कार्य के लिए रूपये 140 करोड़, सुधार सुदृढ़ीकरण एवं पुनर्स्थापना के लिए रूपये 128 करोड़, चेटीखेड़ा मध्यम परियोजना के लिए रूपये 90 करोड़, टेम मध्यम परियोजना के लिए रूपये 75 करोड़, निर्वाचित कृषक संस्थाओं को राशि की व्यवस्था के लिए रूपये 58 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिये पर्याप्त सिंचाई सुविधा आवश्यक है। प्रदेश में सिंचाई सुविधा के विस्तार हेतु अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। नहरों के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे सिंचाई जल के वाष्पीकरण एवं अन्य मानवीय हस्तक्षेपों के कारण हो रहे जल अपव्यय को कम करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। सूक्ष्म सिंचाई पद्धति एवं दाबयुक्त पाइपों के माध्यम से सिंचाई जल के उपयोग को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रदेश में उपलब्ध सिंचाई सुविधा को वर्ष 2029 तक 100 लाख हेक्टेयर किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी की पहल पर "मिले जल हमारा तुम्हारा" के प्रयासों से नदियों को जोड़कर सिंचाई क्षेत्र में ऐतिहासिक काम होने जा रहा है। इन प्रयासों से नदियों को सदानीरा स्वरूप प्राप्त होगा।

मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश में रुपये 24 हज़ार 293 करोड़ की अनुमानित लागत की केन-बेतवा लिंक परियोजना एवं रुपये 35 हज़ार करोड़ की अनुमानित लागत की पार्वती-कालीसिंध-चंबल अंतर्राज्यीय नदी लिंक परियोजना के कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। ताप्ती नदी पर ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना के लिये महाराष्ट्र सरकार से सहमति हेतु वार्ता प्रचलित है। वर्ष 2025-26 में 19 वृहद एवं मध्यम तथा 87 लघु सिंचाई परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं, जिनसे आगामी समय में 7 लाख 20 हज़ार हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित हो सकेगा। सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण व संधारण के लिये वर्ष 2025-26 में रुपये 17 हज़ार 863 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है जो वर्ष 2024-25 से 24 प्रतिशत अधिक है।

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