पुलिस टीआई सुसाइड केस में पुलिस ने प्रेमिका और उसके साथी को गिरफ्तार किया, झूठे रेप केस में फंसाने की दे रहे थे धमकी

 छतरपुर

मध्यप्रदेश के छतरपुर में बहुचर्चित टीआई अरविंद सुसाइड केस में पुलिस को बड़ा इनपुट हाथ लगा है. पुलिस के मुताबिक टीआई की कथित गर्लफ्रेंड आशी अपने दोस्त सोनू परमार के साथ मिलकर उन्हें रेप केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे. इसी धमकी के साथ ये दोनों टीआई को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूल कर रहे थे. पुलिस ने आशी और सोनू परमार को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से इन दोनों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा गया है. पुलिस ने आशी राजा परमार एवं सोनू सिंह परमार के खिलाफ धारा 308 एवं 108 BNS के तहत मामला दर्ज किया है.

एडिशनल एसपी विदिता डागर के मुताबिक दोनों आरोपी टीआई को रेप केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे थे. इनकी धमकी की वजह से टीआई परेशान हो चुके थे और 6 मार्च की शाम को उन्होंने अपने आवास पर सुसाइड कर लिया था. उधर, आशी की मां ने इस मामले में अपनी बेटी का बचाव किया है. कहा कि उनकी बेटी को फंसाया गया है. टीआई कुजूर एक साल से उनकी बेटी आशी को मुखबिर के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे. इसके लिए वह हर महीने उनकी बेटी को 30 से 50 हजार रुपए भी दिया करते थे.

आशी की मां का जवाब: मेरी बेटी को फंसाया गया
इस मामले में आशी की मां सविता परमार ने अपनी बेटी को निर्दोष बताया है. सविता ने कहा, "मेरी बेटी को झूठा फंसाया जा रहा है. टीआई अरविंद कुजूर पिछले एक साल से आशी को अपनी गोपनीय टीम में मुखबिर के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे. उन्हें हर महीने 30 से 50 हजार रुपये दिए जाते थे.

मां ने स्वीकार किया कि टीआई कुजूर ने आशी के जन्मदिन और अन्य मौकों पर सोने का हार, अंगूठियां और कार के लिए पैसे भी दिए थे. मेरी बेटी ने कोई ब्लैकमेलिंग नहीं की." सविता ने यह भी दावा किया कि उनकी बेटी को इस मामले में बलि का बकरा बनाया जा रहा है.

क्या है पूरा मामला?
6 मार्च की शाम छतरपुर के पेप्टेक टाउन इलाके में अपने निजी बंगले पर टीआई अरविंद कुजूर ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस की प्रारंभिक जांच में ब्लैकमेलिंग को आत्महत्या का कारण माना गया. इस मामले में आशी और उसके दोस्त सोनू पर संदेह के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया. जांच में यह भी सामने आया कि आशी और सोनू ने मिलकर कुजूर को रेप केस में फंसाने की धमकी दी थी, जिसके चलते वे मानसिक तनाव में थे.

आगे की कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से रिमांड की मांग की गई है. एडिशनल एसपी विदिता डागर ने कहा कि इस मामले में सभी तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी. उधर, इस घटना ने छतरपुर में हड़कंप मचा दिया है और लोग इस चर्चित मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

बहरहाल, यह कांड मध्य प्रदेश में पुलिस महकमे के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है कि आखिर एक तेज-तर्रार पुलिस इंस्पेक्टर कैसे इस हद तक मानसिक दबाव में आ गया कि उसने अपनी जान ले ली. जांच के नतीजे इस रहस्य से पर्दा उठाने में अहम होंगे.

सोनू परमार के प्यार में थी आशी

यहां तक कि बेटी के जन्मदिन एवं अन्य अवसर पर टीआई ने सोने का नेकलेस, अंगूठियां आदि भी गिफ्ट की थीं. बता दें कि छह मार्च को जब टीआई ने सुसाइड किया तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. मामले की जांच हुई तो पता चला कि 48 वर्षीय टीआई की एक 21 साल की गर्लफ्रेंड भी है. पुलिस ने इस गर्लफ्रेंड की डिटेल खंगाली तो पता चला कि वह सोनू परमार नामक युवक के प्यार में थी और टीआई अरविंद कुजूर के भी संपर्क में थी. घटना के बाद आशी और उसका प्रेमी सोनू फरार हो गए थे, हालांकि पुलिस ने मंगलवार को इन्हें अरेस्ट कर लिया. जरूरी पूछताछ के बाद इन्हें बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने इन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस को सौंप दिया है.
सामने आई ये कहानी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक टीआई अरविंद कुजूर अपनी गर्लफ्रेंड आशी राजा से शादी करना चाहते थे, जबकि आशी राजा सोनू परमार को पसंद करती थी. वह टीआई के दायरे से बाहर निकलना चाहती थी, जब यह संभव नहीं हो पाया तो वह अपने प्रेमी सोनू के साथ मिलकर टीआई को ब्लैकमेल करने लगी थी. पुलिस के मुताबिक अरविंद कुजूर ने आशी को पुलिस लाइन के पास ही एक किराए का घर भी दिलाया था और इसका किराया खुद देते थे. इस मामले में पुलिस ने 15 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है.

 

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