यूपी में होली के मौके पर अलर्ट, संभल से लेकर शाहजहांपुर तक मस्जिदो को तिरपाल से ढकी गईं, नमाज का भी बदला समय

नई द‍िल्ली
यूपी में होली के मौके पर दूसरे संप्रदाय के धार्मिक स्थलों पर रंग की छींटे न पहुंच सकें, इसके लिए प्रशासन की ओर से प्रयास क‍िए गए हैं। संभल से लेकर शाहजहांपुर तक और अलीगढ़ से लेकर बरेली तक, मस्‍ज‍िदों को तिरपाल से ढकवा द‍िया गया है, जिससे किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो सके। वहीं, होली के द‍िन जुमे की नमाज का भी समय बदला गया है।

होली का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। रंगों के त्‍योहार को शांति और सद्भाव पूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से तैयार‍ियां कर ली हैं। संभल में पुल‍िस ने होली के मौके पर निकाले जाने वाले चौपाई जुलूस मार्ग पर स्थित समुदाय व‍िशेष के धार्मिक स्थलों को भी सुरक्षित क‍िया है। जुलूस मार्ग पर स्थित दूसरे संप्रदाय के धार्मिक स्थलों को प्रशासन ने मस्जिदों को तिरपाल से ढकवा द‍िया है।

10 मस्जिदों को भी तिरपाल से ढकवाया गया
बुधवार की शाम को नगर के मुहल्ला कोट पूर्वी स्थित जामा मस्जिद के पीछे वाले हिस्से को पुलिस प्रशासन की ओर से तिरपाल से ढकवाने का काम शुरू किया गया था। एएसपी श्रीश्चंद, सीओ अनुज चौधरी व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार तोमर टीम के साथ जामा मस्जिद के पीछे वाले हिस्से की ओर पहुंचे, जहां पीछे की ओर से जामा मस्जिद में जाने वाली सीढ़ियों से पूरी दीवार को तिरपाल से ढकने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही चौपाई जुलूस मार्ग पर स्थित करीब 10 अन्य मस्जिदों को भी तिरपाल से ढकवाया गया। एएसपी श्रीश्चंद्र ने बताया कि पहले की तरह दूसरे संप्रदाय के धार्मिक स्थलों को ढकवाया गया है।

अलीगढ़ में मस्जिदों को तिरपाल से ढका गया
अलीगढ़ में भी स्थानीय प्रशासन के निर्णय के अनुसार होली के त्योहार से पहले मस्जिदों को तिरपाल से ढका गया। वहीं, बरेली में श्रीराम लीला सभा बमनपुरी की राम बरात के दौरान खेली जाने वाली होली को लेकर प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। राम बरात के मार्ग में सड़क किनारे आने वाली मस्जिदों को तिरपाल से ढक दिया गया, जिससे होली के उल्लास के दौरान मस्जिद की दीवारों आदि पर रंग ना गिरने पाए। पुलिस और प्रशासन ने जन सहयोग से मस्जिदों को तिरपाल से कवर करा दिया है।
 
श्रीराम लीला सभा बमनपुरी की गुरुवार को निकलने वाली बरात के दौरान होरियारों के बीच जमकर मोर्चाबंदी करके रंग खेला जाता है। लंबी-लंबी पिचकारियों से होने वाली मोर्चाबंदी के दौरान रंग घरों और छतों तक पहुंच जाता है। रंग भरी रामबरात गुरुवार को नृसिंह मंदिर से शुरू होकर मलूकपुर चौराहा, बिहारीपुर ढाल, कुतुबखाना, घंटाघर, नॉवेल्टी चौराहा, बरेली कालेज गेट, कालीबाड़ी गेट, श्यामगंज चौराहा, साहू गोपीनाथ कालेज, मठ की चौकी, शिवाजी मार्ग, कुतुबखाना चौराहा, बड़ा बाजार, किला चौराहा, सिटी सब्जी मंडी, मलूकपुर चौराहा से होते हुए नृसिंह मंदिर पर समापन होगा।

बरती जा रही सतर्कता
इन मार्गों में पड़ने वाली चाहबाई में एकमीनारा मस्जिद, बानखाना में स्थित घोसियान मस्जिद, साहू रामस्वरूप कालेज के पास लाल मस्जिद, बिहारीपुर में बीबीजई मस्जिद, नगर निगम वाली मस्जिद की दीवारों को तिरपाल से कवर करवा दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट राजीव कुमार शुक्ला ने बताया कि पुलिस और प्रशासन के अनुरोध पर लोगों ने जनसहयोग से मस्जिदों की बाहरी दीवारों और मीनारों को तिरपाल से ढक लिया है, जिससे होली का रंग उन पर ना पड़े। प्रशासन का प्रयास है कि रंगों के पर्व पर रंग में भंग न पड़े, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति