महाकाल कॉरिडोर की तरह ऐतिहासिक महादेव घाट के शिव मंदिर और नदी का होगा कायाकल्प

रायपुर

महाकाल कॉरिडोर की तरह ऐतिहासिक महादेव घाट के शिव मंदिर और नदी का वह तट जो मंदिर के ठीक पीछे से रायपुरा पुल की ओर जाता है, इसी प्रकार मुक्तिधाम को छोड़ भाठागांव बायपास रोड की ओर जहां आजू-बाजू दुकानें हैं उस एरिया को भी व्यवस्थित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में नगर निगम के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं.

इसका दूसरा चरण सिंचाई और पर्यटन विभाग विकसित करेगा. पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश मूणत ने बताया कि इस कॉरिडोर की तैयारी लंबे समय से चल रही थी. महादेव घाट के महत्व को शासन ने माना और इसे एक नये पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में स्वीकृत देकर राशि जारी कर दी. इसके बाद विसर्जन कुंड से होते हुए टाटीबंध के आगे चंदनीडीह की ओर एक डबल लेन रोड का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस पर भी अगले महीने से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सर्वे करेगा. श्री मूणत ने बताया कि इस रोड के बनने से आधे से अधिक ट्रैफिक डायवर्ट हो जाएगा. लोगों का भिलाई-दुर्ग की ओर भाठागांव, रायपुरा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आना-जाना आसान हो जाएगा. इस रोड बनने के साथ ही हम पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सघन वृक्षारोपण जिसमें मौसमी फलों के वृक्ष लगाकर ऐसे फलों के व्यापार को आगे बढ़ाने का काम करेंगे.

चौक से शुरू हो जाएगी व्यवस्था
महादेव घाट प्रोजेक्ट का काम रायपुरा का चौक जहां से एक ओर पुल की ओर दूसरा रास्ता सीधे मंदिर में जाता है, इसी मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते से शुरू होगा. इसके बाद ब्रम्हविद् स्कूल की ओर जाने वाली रोड का लगभग 50 से 100 मीटर हिस्सा भी प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा.

मंदिर के आसपास दुकानें होंगी व्यवस्थित
इस प्रोजेक्ट के संबंध में अधिकारियों ने कहा कि महादेव घाट कॉरिडोर योजना में मंदिर के आसपास की दुकानों को भी व्यवस्थित किया जाएगा. हम इन दुकानों को वहां से हटाने के बजाय उनके लिए आकर्षक व्यवस्था करने की दिशा में काम करेंगे. इससे मंदिर का स्वरूप जो अभी दूर से नहीं दिखता, लोगों को रोड से स्पष्ट दिखाई देगा.

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति