अलवर में कुत्ते काटने के बढ़े मामले : केंद्रीय मंत्री के निर्देश के बाद हर सप्ताह 100 कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य

अलवर

अलवर में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर होती जा रही है। पिछले पांच महीनों में 4,907 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए हैं। स्थिति इतनी खराब हो गई कि खुद केंद्रीय मंत्री को नगर निगम को नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू करने के निर्देश देने पड़े।

नगर निगम की लापरवाही
पशुपालन विभाग ने तीन बार नगर निगम को पत्र लिखकर नसबंदी कार्यक्रम शुरू करने की मांग की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बजट न होने की वजह से अभियान रुका हुआ था। हाल ही में केंद्रीय मंत्री की सख्ती के बाद बजट जारी किया गया, जिससे नसबंदी और टीकाकरण अभियान शुरू होने की संभावना बनी है।

आवारा कुत्तों के हमले बढ़े
अलवर: कुछ दिनों पहले आठ-दस कुत्तों ने एक छात्रा पर हमला कर दिया और उसे कई जगह काट लिया।
खेरथल: पिछले डेढ़ महीने में नौ-दस बच्चों को कुत्तों ने काटा, जिसमें एक बच्ची की मौत हो गई।
 
बता दें कि हर दिन औसतन 32 लोगों को कुत्ते काट रहे हैं। अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की मांग बढ़ रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नसबंदी और टीकाकरण से ही संभव है।

पशु प्रेमियों का विरोध
कुछ पशु प्रेमी नसबंदी अभियान का विरोध कर रहे हैं। वे कुत्तों को निर्दोष बताते हुए नगर निगम के प्रयासों में रुकावट डाल रहे हैं। हाल ही में जब नगर निगम की टीम कुत्तों को पकड़ने स्कीम नंबर-2 पहुंची, तो कुछ पशु प्रेमियों ने हंगामा कर दिया और टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।

स्ट्रीट डॉग्स को लेकर विवाद
अलवर के शालीमार इलाके में स्ट्रीट डॉग्स को खाना खिलाने को लेकर विवाद बढ़ गया। एक महिला ने चार लोगों पर मानसिक उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला का कहना है कि वह लंबे समय से कुत्तों को खाना खिला रही थी, जिससे कुछ स्थानीय लोग नाराज थे। सोसाइटी अध्यक्ष ने इन आरोपों को गलत बताया और इसे निजी दुश्मनी से जुड़ा मामला कहा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नसबंदी अभियान की योजना
नगर निगम के अनुसार, 2024 में 1,220 कुत्तों की नसबंदी की गई थी, लेकिन इस साल कोई विशेष अभियान नहीं चला। अब केंद्रीय मंत्री के निर्देश के बाद हर सप्ताह 100 कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया को और तेज करने की जरूरत है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ महीनों में नसबंदी और टीकाकरण अभियान को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि शहर में कुत्तों की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।

 

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