अमेरिकी सरकार का ड्राफ्ट तैयार , जिसमें पाकिस्तान समेत 41 देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाने की पूरी तैयारी

वाशिंगटन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोलान्ड ट्रंप अपने फैसलों से पूरी दुनिया को चौंका रहे हैं. टैरिफ विवाद के बीच अब ट्रंप एक और बड़ी योजना बना रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट की माने तो आने वाले समय में ट्रंप दर्जन भर से ज्यादा देशों की यात्रा पर बैन लगाने का विचार कर रहे हैं. एक ज्ञापन मे 41 देशों की सूची सौंपी गई है. जिन पर प्रतिबंध लगाने की संभावना जताई गई है.

मीडिया रिपोर्ट की माने तो प्रतिबंध लगाने वाले देशों को तीन अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है. जिन पर आने वाले समय में बेन लगाया जा सकता है. इस कदम का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना बताया जा रहा है.

इस प्रतिबंध का सबसे अधिक प्रभाव भारत के पड़ोसी देशों पर देखने को मिल सकता है. विशेष रूप से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश करना कठिन हो सकता है. अफगानिस्तान में तालिबान के नियंत्रण के बाद से वहां से शरण लेने वाले लोगों के लिए यह फैसला एक बड़ा झटका हो सकता है.

तीन ग्रुप ने बांटे गए देश

    पहले समूह में 10 देश शामिल हैं, जिनमें अफगानिस्तान, ईरान, सीरिया, क्यूबा और उत्तर कोरिया जैसे देश प्रमुख हैं. इन देशों के नागरिकों के वीजा पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी.

    दूसरे समूह में पांच देश इरिट्रिया, हैती, लाओस, म्यांमार और दक्षिण सूडान शामिल हैं. इन देशों को आंशिक निलंबन का सामना करना पड़ेगा, जिससे पर्यटक और छात्र वीजा साथ ही अन्य आप्रवासी वीजा प्रभावित होंगे, हालांकि कुछ मामलों में अपवाद भी हो सकते हैं.

    तीसरे समूह में 26 देश शामिल हैं, जिनमें बेलारूस, पाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे देश शामिल हैं. इन देशों के नागरिकों के लिए वीजा जारी करने पर आंशिक प्रतिबंध लगाया जा सकता है. हालांकि, इन देशों को 60 दिनों के भीतर सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने का अवसर दिया जाएगा.

कमियां दूर नहीं हुईं तो वीजा निलंबन हो सकता है

अमेरिका के सुरक्षा अधिकारियों ने अपनी सिफारिशों से जुड़ा एक ड्राफ्ट तैयार किया है. इसमें पाकिस्तान को उन 26 देशों में शामिल किया गया है, जिन्हें अमेरिकी वीजा जारी करने पर आंशिक निलंबन का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार अगर 60 दिन के भीतर कमियों को दूर कर देती है तो बड़ी कार्रवाई से बचा जा सकता है.

वानुअतु भी लिस्ट में शामिल

जिन देशों पर एक्शन लिए जाने की तैयारी है, उनमें तुर्कमेनिस्तान, बेलारूस, भूटान और वानुअतु शामिल हैं. इनमें वानुअतु हाल ही में तब चर्चा में आया, जब भगोड़े और आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने दावा किया था कि उन्होंने वहां की नागरिकता हासिल कर ली है.

इससे पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने यात्रा प्रतिबंध की खबरों को अटकलें बताकर खारिज कर दिया था. विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा था कि पाकिस्तान को ऐसे प्रतिबंधों का कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है. खान का कहना था कि फिलहाल यह सब अटकलें हैं और इसलिए इस पर कोई प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है.

जब पाकिस्तानी राजदूत को नहीं मिली थी अमेरिका में एंट्री

अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हाल में तब तनाव गहराया, जब तुर्कमेनिस्तान में तैनात पाकिस्तानी राजदूत केके अहसान वागन को इस सप्ताह अमेरिका में एंट्री नहीं करने दी गई और लॉस एंजिल्स से निर्वासित कर दिया गया. हालांकि, अमेरिका ने कोई विशेष कारण नहीं बताया, लेकिन रिपोर्टों में कहा गया है कि वागन को इसलिए निर्वासित किया गया क्योंकि अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम ने विवादास्पद वीजा संदर्भों का पता लगाया था.

नए ड्राफ्ट के अनुसार, 10 देशों को रेड लिस्ट में रखा गया है, जिनके नागरिकों का वीजा पूरी तरह से निलंबित कर दिया जाएगा. ये देश हैं- अफगानिस्तान, क्यूबा, ​​ईरान, लीबिया, उत्तर कोरिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, वेनेजुएला और यमन.

पांच देशों के दूसरे समूह में इरीट्रिया, हैती, लाओस, म्यांमार और दक्षिण सूडान को रखा गया. इन देशों पर भी कुछ शर्तों के साथ प्रतिबंध प्रस्तावित हैं. पांचों देशों में पर्यटक और छात्र वीजा के साथ-साथ अन्य आप्रवासी वीजा भी प्रभावित हो सकते हैं.

बताते चलें कि 20 जनवरी को पद्भार ग्रहण करने के पहले ही दिन ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया था कि सुरक्षा खतरों का पता लगाने के लिए अमेरिका में एंट्री करने वाले किसी भी विदेशी नागरिक की व्यापक जांच की जरूरत पर जोर दिया जाए.

ट्रंप ने पहले ही किया था वादा

डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद, 20 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश जारी किया था, जिसमें अमेरिका में प्रवेश चाहने वाले विदेशी नागरिकों की सुरक्षा जांच को और अधिक सख्त करने की बात कही गई थी. आदेश में कैबिनेट के कई सदस्यों को 21 मार्च तक उन देशों की लिस्ट देने को कहा गया था.

अमेरिका इस लिस्ट में अभी बदलाव कर सकता है. मतलब कई देशों को इसमें जोड़ा तो कई देशों को इससे बाहर किया जा सकता है. इसके बाद लिस्ट प्रशासन की मंजूरी के बाद ही जारी होगी.

 

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