कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा- पाकिस्तान ने जैसा बीज बोया, वैसा ही काट रहा

नई दिल्ली
कांग्रेस नेता उदित राज ने पाकिस्तान में चल रही आतंकी गतिविधियों और अस्थिरता पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के बीच आपसी टकराव चल रहा है, लेकिन दोनों की नीयत खराब है। उदित राज ने कहा, "ये लोग भारत में आतंकी हमले करते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं। लेकिन जैसा बीज बोओगे, वैसा ही काटोगे। जब ये आतंकवाद भारत में फैलाते हैं, तो इसका उल्‍टा असर पाकिस्तान पर पड़ता है। वहां मस्जिदों पर हमले होते हैं, बम धमाके होते हैं। यह उसी का नतीजा है और पाकिस्तान को इसकी सजा भुगतनी पड़ रही है।"

उन्होंने भारत और पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि भारत में राष्ट्रीय चरित्र और एकता की कमी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यहां आरएसएस और भाजपा के लोग देशभक्ति के नारे लगाते हैं, लेकिन समय-समय पर पाकिस्तान के लिए काम करते हुए पकड़े जाते हैं। क्या ऐसा इजरायल में संभव है? वहां की खुफिया एजेंसी मोसाद और तकनीक हमसे कहीं आगे है। हमारे देश का टेंपरामेंट ऐसा नहीं है। अगर भारत के पास मोसाद जैसी तकनीक हो, तो बहुत अच्छा होगा।"

उदित राज ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति में भारत का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा, "आईएसआई खुद आतंकवाद को तैयार करती है, लेकिन यह उनके ही खिलाफ हो जाता है। अफगानिस्तान से सटे होने की वजह से वहां के लड़ाके भी पाकिस्तान से टकरा रहे हैं। ये सभी आतंकी हथियारों से लैस हैं। पाकिस्तान में आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप चलते हैं, जहां ये आपस में भी लड़ पड़ते हैं, जिससे खून-खराबा होता है।"

  • admin

    Related Posts

    अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

    कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

    ‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

    गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति