बरौनी, ओखा और मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस के बदले रूट, कई ट्रेनें रद्द

ग्वालियर
उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में पुल क्रमांक 110 के संधारण कार्य के लिए मेगा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक के कारण रेलवे द्वारा कई ट्रेनों को निरस्त करने के साथ ही कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया है। इनमें तीन ट्रेनें ग्वालियर से होकर गुजरती हैं। इन तीनों ट्रेनों को मार्च से लेकर अप्रेल माह के बीच परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा।

रेलवे (Indian Railways) द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार बरौनी से चलकर ग्वालियर आने वाली ट्रेन 11124 बरौनी-ग्वालियर मेल को 19 मार्च से लेकर 29 अप्रेल के बीच वाया वाराणसी, प्रयागराज रामबाग, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल होते हुए संचालित किया जाएगा। इसी प्रकार ट्रेन 19054 मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस (MUZAFFARPUR JN SURAT EXPRESS) 23 व 30 मार्च, 6,13, 20 व 27 अप्रेल तथा ट्रेन 15045 गोरखपुर-ओखा एक्सप्रेस (GORAKHPUR OKHA EXPRESS) को 20 व 27 मार्च, तीन, 10, 17 व 24 अप्रेल को गोरखपुर, औडि़हार, जौनपुर, फाफामऊ, प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल होते हुए संचालित किया जाएगा।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति