जागेश्वरनाथ धाम को तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता, महाकाल लोक की तरह कॉरिडोर का निर्माण होगा, 100 करोड़ रुपये लागत

दमोह

दमोह जिले और बुंदेलखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर में कॉरिडोर बनाने का टेंडर पर्यटन विकास निगम ने खोल दिया है। छतरपुर की सरवरिया कंस्ट्रक्शन एजेंसी को यहां का टेंडर मिला है। एजेंसी को पहले चरण में फैकल्टी एरिया, गौशाला, फेसिलिटी सेंटर, हॉल और गेट बनाना है। बता दें कि जागेश्वरनाथ धाम को तेरहवें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है, यहां देश भर के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।

10 दिन पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मंदिर कमेटी भूमिपूजन को लेकर कार्ययोजना बना रही है। इससे पहले जनवरी और फरवरी में दो बार पांच-पांच मुहूर्त निकाले गए थे, लेकिन भूमिपूजन के लिए मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय नहीं हो पाया। मुख्यमंत्री पिछले एक माह में कई बार बुंदेलखंड क्षेत्र में आ चुके हैं, लेकिन भूमिपूजन के लिए समय निर्धारित नहीं हो सका।

बता दें कि निगम ने 10 जनवरी 2025 को टेंडर जारी किया था, जिसमें तीन एजेंसियों- ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी, श्रीराम कृपा एसोसिएट और सरवरिया कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भाग लिया था। सरवरिया कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 5 करोड़ 95 लाख 61 हजार रुपये की निविदा जीती। हालांकि, यह टेंडर 34 प्रतिशत बिलो दर पर लिया गया है।

पांच चरणों में पूरा होगा काम
जानकारी के अनुसार, मंदिर कॉरिडोर का कार्य पांच चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में पांच प्रमुख निर्माण कार्य शामिल हैं। मंदिर ट्रस्ट के पंकज हर्ष श्रीवास्तव और मीडिया प्रभारी रवि शास्त्री ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और अब भूमिपूजन होना है। मार्च में कार्यक्रम तय करने के लिए तिथि निकाली जा रही है। जैसे ही मुख्यमंत्री का कार्यक्रम तय होगा, भूमिपूजन की तिथि निर्धारित कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में होने वाले पांच कार्यों की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और स्थल भी चिन्हित कर लिया गया है।

महाकाल लोक की तर्ज पर बनेगा
मंदिर कमेटी के अनुसार, बांदकपुर में उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर 100 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर बनाया जाना है। इस टेंडर प्रक्रिया को पूरा होने में छह माह का समय लग गया क्योंकि प्रक्रिया में कई तकनीकी खामियां थीं। अब एजेंसी स्थल का निरीक्षण करेगी और भूमिपूजन के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। हालांकि, अभी अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। 200 से अधिक नोटिस पहले ही बांटे जा चुके हैं और दुकानदारों को स्थान खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है।

कई साल से की जा रही थी मांग
जागेश्वरनाथ धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन यहां श्रद्धालुओं के लिए कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। पिछले तीन वर्षों से यहां कॉरिडोर निर्माण की मांग की जा रही थी। जबेरा विधायक धर्मेंद्र सिंह के पर्यटन राज्य मंत्री बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले बांदकपुर में कॉरिडोर निर्माण के प्रयास शुरू किए, जिसके बाद यह पहला टेंडर जारी किया गया है।
 

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