पोषण भी-पढ़ाई भी पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

भोपाल
महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया मंगलवार को 'पोषण भी-पढ़ाई भी' पर एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि हमारी नींव मजबूत होगी तो आने वाला भविष्य मजबूत होगा। सक्षम आंगनवाड़ी मिशन 2.0 के तहत पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम केन्द्र सरकार का एक महत्वाकांक्षी प्रशिक्षण कार्यक्रम है। ये प्रशिक्षण राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा तथा पोषण सेवा प्रदान करने की क्षमता विकसित करने के लिये एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रारंभ की इस पहल का उद्देश्य बच्चों की देखभाल और शिक्षा पर आंगनवाड़ी प्रणाली पर ध्यान केन्द्रित किया जा सके और आंगनवाड़ी केन्द्र को उच्च गुणवत्ता वाली बुनियादी सुविधाओं, खेल के उपकरण और विधिवत प्रशिक्षित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ एक शिक्षण केन्द्र परिवर्तित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इससे 6 वर्ष के कम उम्र के बच्चों (विशेषकर दिव्यांग बच्चों) के रचनात्मक, सामाजिक, भावनात्मक और संज्ञानात्मक विकास को प्रोत्साहित किया जा सके।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नींव का पत्थर
प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने कहा कि आंगनवाड़ी एक आधारशिला है और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नींव का पत्थर है। उन्होंने कहा कि नींव के पत्थर किसी को नहीं दिखता लेकिन अगर वो मजबूत हो तो इमारत बुलंद होती है। बच्चों को खाना खिलाना, उनकी देखभाल करना अति आवश्यक है। आँगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और भौतिक संबल को बढ़ावा दे रही है। श्रीमती रश्मि शमी ने कहा कि यह 2 चरणों में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम से आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका सशक्त बनेगी। उन्होंने कहा कि इसकी मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से हो, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। आँगनवाड़ी में होने वाली पढ़ाई के एसेसमेंट किये जाने पर भी ध्यान देना होगा।

आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया फारूकी वली ने बताया कि 'पोषण भी-पढ़ाई भी' के तहत आधारशिला और नवचेतना को आंगनवाड़ी केन्द्रों में क्रियान्वित करने के संबंध में कार्यकताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वारा क्षमता संवर्द्धन के माध्यम से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में पाठ्यक्रम और शैक्षणिक दृष्टिकोण की बुनियादी समझ विकसित एवं सक्षम बनाना है। भोपाल के होटल रेडिसन में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में सभी संभागों के अधिकारी, सीडीपीओ, डीपीओ सहित अजीज प्रेमजी फाउन्डेशन और रॉकेट लर्निंग संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

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