अमेरिकी रक्षा विभाग में 60 हजार लोगों को छंटनी

वाशिंगटन

अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) में 50,000 से 60,000 असैन्य नौकरियों में कटौती की जा रही है। इस कटौती प्रक्रिया में अब तक लगभग 21,000 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक इस्तीफा योजना को स्वीकार किया है, जो कुल लक्षित कटौती का लगभग एक तिहाई है। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। रक्षा विभाग का लक्ष्य 900,000 से अधिक असैन्य कर्मचारियों में से 5% से 8% की कटौती करना है। इसके लिए, प्रत्येक माह लगभग 6,000 पदों को हटाया जाएगा। इसके अलावा, नियमित रूप से रिटायर होने वाले या नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की जगह नहीं भरी जाएगी।

यह कटौती रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के नेतृत्व में लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य विभाग के बजट को कम करना और सरकारी खर्च में कमी लाना है। इस योजना को "फोर्क इन द रोड" प्रस्ताव के रूप में जाना जाता है और ये कर्मचारियों को सितंबर तक वेतन और लाभों के साथ स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का विकल्प देती है।

सैन्य कर्मियों पर बढ़ सकता है बोझ
अधिकारियों की चिंता है कि खाली हुए असैन्य पदों को भरने के लिए सैन्य कर्मियों को तैनात किया जा सकता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं कि इन कटौतियों से सैन्य तैयारियों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। ये कटौतियां ट्रंप प्रशासन के करीबी सलाहकार और अरबपति कारोबारी एलन मस्क के 'डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी सर्विस' (DOGE) के तहत की जा रही हैं, जिसका उद्देश्य संघीय कार्यबल को कम करना और सरकारी एजेंसियों को पुनर्गठित करना है।

रक्षा विभाग तीन प्रमुख तरीकों से कर्मचारियों की संख्या घटा रहा है:

स्वैच्छिक इस्तीफे – "फॉर्क इन द रोड" योजना के तहत, कुछ कर्मचारियों ने स्वेच्छा से इस्तीफे दिए, लेकिन सभी को अनुमति नहीं दी गई।

प्रोबेशनरी कर्मचारियों की बर्खास्तगी – विभाग ने लगभग 5,400 प्रोबेशनरी कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई थी, लेकिन इसे अदालत में चुनौती दी गई।

नए कर्मचारियों की नियुक्ति पर रोक – हर साल लगभग 70,000 असैन्य कर्मियों की भर्ती की जाती है, लेकिन इस प्रक्रिया को सीमित किया जा रहा है।

प्रोबेशनरी कर्मचारियों की छंटनी पर अदालतों ने रोक लगा दी है और प्रशासन को हजारों कर्मचारियों को वापस काम पर रखने का आदेश दिया है। न्यायालयों ने छंटनी की कानूनी प्रक्रियाओं में खामियां पाई हैं।

रक्षा विभाग के प्रमुख हेगसेथ का कहना है कि इन कटौतियों से सैन्य कार्यप्रणाली पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जर्मनी में हाल ही में उन्होंने कहा था कि "मुख्यालय में कई अनावश्यक पद और प्रशासनिक खर्चे हैं, जिन्हें हटाने की जरूरत है।"

संघीय सरकार में भी बड़े पैमाने पर छंटनी
रक्षा विभाग ही नहीं, बल्कि पूरे अमेरिकी संघीय तंत्र में करीब 75,000 कर्मचारियों को 'डीफर्ड रेजिग्नेशन प्रोग्राम' के तहत हटाया जा रहा है। इसके अलावा, प्रारंभिक दौर में 24,000 प्रोबेशनरी कर्मचारियों को हटाया गया था, लेकिन इसे भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

इस बीच, अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक सांसदों ने केंद्रीय नौकरशाही में बड़े पैमाने पर कटौतियों को लेकर चिंता व्यक्त की है। हाउस ज्यूडिशियरी और हाउस ओवरसाइट कमेटी ने सूचना के अधिकार (FOIA) के तहत प्रशासन से इन कटौतियों के कानूनी पहलुओं की जानकारी मांगी है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सरकार के आकार को छोटा करने और नौकरियों में कटौती के लिए एक बड़े स्तर पर ‘रिडक्शन इन फोर्स’ (RIF) योजना लागू करने का आदेश दिया है। हालांकि, पेंटागन में इसके प्रभावों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री हेगसेथ ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों को हटाया
कुछ दिन पहले ही अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि उन्होंने सैन्य सेवा के लिए शीर्ष अधिकारियों को हटा दिया है क्योंकि उन्हें लगता है कि वे इस काम के लिए ‘‘योग्य’’ नहीं थे। सऊदी अरब के रक्षा मंत्री के साथ एक बैठक से पहले हेगसेथ ने उस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया जिसमें उनसे पूछा गया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने अगले संयुक्त प्रमुख अध्यक्ष के रूप में एक सेवानिवृत्त जनरल का चयन क्यों किया, जबकि वह इस कार्य के लिए कानूनी योग्यता को पूरा नहीं करते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अचानक चेयरमैन, वायु सेना जनरल सीक्यू ब्राउन जूनियर को निकाल दिया और इसके बाद हेगसेथ ने नौसेना संचालन की प्रमुख नेवी एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी, वायु सेना के उपाध्यक्ष एयरफोर्स जनरल जेम्स स्लिफ को पद से हटा लिया।

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति