बिल गेट्स ने कहा- ग्लोबल हेल्थ और विकास में बदलाव लाने के लिए डिजिटल समाधान तैयार कर रहा भारत

नई दिल्ली
गेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष और बोर्ड सदस्य बिल गेट्स ने बुधवार को कहा कि भारत न केवल अपने नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल इनोवेशन का निर्माण कर रहा है, बल्कि ऐसे समाधान भी बना रहा है, जिनमें ग्लोबल हेल्थ और विकास को बदलने की क्षमता है। गेट्स फाउंडेशन और महिला सामूहिक मंच के सहयोग से सीआईआई द्वारा आयोजित एक वैश्विक मंच पर बोलते हुए, बिल गेट्स ने इनोवेशन, हेल्थ और सस्टेनेबिलिटी में भारत के लीडरशिप की सराहना की।

इस मंच के साथ वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए स्केलेबल, सस्टेनेबल और टेक-ड्रिवन सॉल्यूशन को आगे बढ़ाने में भारत की बढ़ती भूमिका के मध्यनजर ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर, पॉलिसी मेकर्स और इन्वेस्टर्स एक साथ आए। गेट्स ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत किफायती स्वास्थ्य सेवा, एआई-संचालित निदान और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी लीडिंग भूमिका के साथ भविष्य का निर्माण कर रहा है। उन्होंने उभरती अर्थव्यवस्थाओं में दबाव वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए वैश्विक स्तर पर भारत के इनोवेटिव सॉल्यूशन को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। गेट्स ने भारत की तीव्र प्रगति पर भी प्रकाश डालते हुए देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंक्लूसिव आर्थिक विकास और तकनीकी सफलताओं को दुनिया के लिए एक मॉडल बताया। उन्होंने कहा, "भारत ने कम लागत वाले इनोवेशन के जरिए स्वास्थ्य और विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है।"

भविष्य की ओर देखते हुए, गेट्स ने वैश्विक स्तर पर एआई, स्वास्थ्य सेवा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में सफलताओं को बढ़ाने के लिए भारतीय इनोवेटर्स, पॉलिसी मेकर्स और उद्यमियों के साथ मिलकर काम करने के लिए अपने फाउंडेशन के कमिटमेंट की पुष्टि की। अलायंस फॉर ग्लोबल गुड जेंडर इक्विटी एंड इक्वलिटी की अध्यक्ष स्मृति ईरानी ने फाउंडेशन और गेट्स के नेतृत्व की सराहना की। साथ ही सोशल इनोवेशन के लिए निवेश की भी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

ईरानी ने कम लागत वाले, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन समाधान लाने में भारत की शक्ति के बारे में बात की, जो स्वास्थ्य, पोषण और खाद्य सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की लीडिंग भूमिका पर जोर दिया और इसे ग्लोबल साउथ के लिए एक ब्लू प्रिंट बताया। सीआईआई के अध्यक्ष संजीव पुरी ने कहा, "आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्यक्रम और डिजिटल फाइनेंशियल इंक्लूसन, एआई-पावर्ड कृषि समाधान जैसी पहलों की सफलता यह साबित करती है कि जब नीति और टेक्नोलॉजी एक साथ आती है तो हम ऐसे स्केलेबल, सस्टेनेबल सॉल्यूशन बना सकते हैं जो ग्लोबल बेंचमार्क के रूप में काम करते हैं।"

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