आज उज्जैन के तराना को नर्मदा जल से सिंचाई की मिलेगी सौगात

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेशवासियों को निरंतर सौगातें मिलती रहेगी। प्रदेश में विकास बयार निरंतर चहुँओर इसी प्रकार बहती रहेगी। उन्होंने कहा कि आज उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र में कई खेतों को नर्मदा जल से सिंचाई की सौगात प्राप्त होगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में क्रियान्वित हो रहे नदी जोड़ो अभियान से सिंचाई का व्यापक और प्रभावी वातावरण निर्मित हो रहा है। इसके साथ ही पेयजल की उपलब्धता भी बढ़ रही है और उद्योगों के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध होगा। प्रदेश में जल ही जीवन है का मंत्र साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज उज्जैन जिले के तराना में नर्मदा शिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में यह जानकारी दी।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति