भोपाल के विंध्याचल भवन में लगी आग, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और बड़ी हानि होने से बची

भोपाल
राजधानी भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित विंध्याचल भवन की दूसरी मंजिल पर गुरुवार दोपहर बाद करीब पौने चार बजे आग लग गई। आग दूसरी मंजिल पर उस स्थान पर लगी, जहां भवन का रिनोवेशन किया जा रहा था। गनमीत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और बड़ी हानि होने से बच गई। यह पहली बार नहीं है, जब प्रदेश स्तरीय कार्यालय में आग लगी है। इसके पहले विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन में आग की लपटें उठती रही हैं।

जानकारी के अनुसार, विंध्याचल भवन की दूसरी मंजिल पर बड़ी संख्या में गत्ते रखे हुए थे। उसी गत्तों से आग का धुआं उठना शुरू हुआ। सूचना के बाद मौके पर चार दमकलों को भेजा गया, जिससे आग समय पर काबू में आ गई। हादसा घुमक्कड़ विभाग के विकास आयुक्त कार्यालय में हुआ है। इसी मंजिल पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का विकास आयुक्त कार्यालय भी है, जहां कुछ वर्षों पहले देर रात भीषण आग लगी थी। वह आग इतनी भीषण थी कि सुबह तक बुझ नहीं सकी थी। कुछ साल पहले इसी इमारत की पांचवीं मंजिल में बीज एवं फार्म विकास कार्यालय में आग लग गई थी। इस आगजनी में अमानक बीज से जांच और विभाग के कर्मचारियों की विभागीय जांच संबंधी फाइलें जलकर खाक हो गई थीं। सहायक पुलिस आयुक्त सुरक्षा अविनाश शर्मा ने बताया कि आग लगने से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। जांच कर पता लगाया जा रहा है कि कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज तो नहीं जले हैं।

सतपुड़ा भवन में जून 2023 में लगी थी भीषण आग
मध्यप्रदेश के दूसरे सबसे बड़े प्रदेश स्तरीय कार्यालय सतपुड़ा भवन के पश्चिमी ब्लॉक में 12 जून 2023 को दोपहर में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी भीषण भी कि चौथी मंजिल से छठवीं मंजिल तक पहुंच गई थी और तीनों मंजिल पर स्थित संचालक आदिम जाति कल्याण विभाग, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का अधिकांश रिकॉर्ड जलकर खाक हो गया था। आग से इमारत इतनी कमजोर हो गई, उसकी मरम्मत का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। इस बीच सतपुड़ा भवन को ही तोड़कर नया कार्यालय बनाए जाने पर भी प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। बड़ी मशक्कत से 20 घंटे बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका था।  

मंत्रालय की पुरानी इमारत में भी लगी भीषण आग
मध्यप्रदेश के प्रशासनिक मुख्यालय वल्लभ भवन (मंत्रालय) की पुरानी इमारत के पांचवीं मंजिल पर 9 मार्च 2024 को भीषण आग लग गई थी। आग लगने से मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन आने वाले सीएम स्वेच्छानुदान, आर्थिक सहायता सहित पांचवीं और छठवीं मंजिल में रखा महत्वपूर्ण दस्तावेज और कबाड़ जलकर खाक हो गया था।

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