महारानी लक्ष्मी बाई कन्या महाविद्यालय में मध्यप्रदेश शिक्षण संघ का दायित्व बोध/ शपथ समारोह

भोपाल
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि शिक्षक समाज का संस्कृति के सरंक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान है । शिक्षकों के प्रयास से एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण हो, जिसमें राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल हो और जो राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार बने। राज्य मंत्री श्रीमती गौर महारानी लक्ष्मी बाई कन्या महाविद्यालय भोपाल में मध्यप्रदेश शिक्षण संघ द्वारा आयोजित दायित्व बोध/ शपथ समारोह को संबोधित कर रही थी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश शिक्षक संघ बीते 55 वर्षों से पूर्ण समर्पण के साथ राष्ट्र हित, शिक्षा हित, शिक्षक हित और छात्र हित में सतत कार्यरत है।

राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई। राज्य मंत्री श्री नारायण सिंह पंवार, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, डॉ. छत्रवीर सिंह राठौर, श्री राजीव शर्मा, नागेश पांडे सहित मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के नगर, महानगर विकासखंड, तहसील और जिलों से आए हुए सभी निर्विरोध निर्वाचित सामान्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति