मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट गैंट्री हटाने के दौरान बड़ा हादसा, दो दर्जन ट्रेनें रद्द

मुंबई
 देर रात अहमदाबाद के वटवा के पास मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के निर्माण के दौरान एक सेगमेंटल लॉन्चिंग गांत्री (Segmental Launching Gantry) फिसलकर गिर गई। यह हादसा रात करीब 11:00 बजे हुआ, जिससे मुंबई-अहमदाबाद रेलवे मार्ग पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। हादसे के कारण कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, यह गैंट्री को एक कंक्रीट गार्डर लॉन्च करने के बाद पीछे हटाया जा रहा था, तभी बैलेंस बिगड़ा और गिर गई। इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। हादसे से बुलेट ट्रेन के निर्माणाधीन वायाडक्ट को कोई नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इससे पास की रेलवे पटरियों को हल्की क्षति पहुंची, जिससे रेलवे संचालन प्रभावित हुआ।

रेलवे यातायात बाधित, कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट

गैंट्री गिरने के बाद वटवा-अहमदाबाद डाउन-लाइन प्रभावित हुई है, जिससे कुछ ट्रेनें अप-लाइन से चलाई जा रही हैं। रेलवे प्रशासन ने तुरंत एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) रवाना की और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।

कई ट्रेनें रद्द, शॉर्ट-टर्मिनेट और डायवर्ट

रद्द की गई ट्रेनें (24/03/2025)
-ट्रेन संख्या 12931 (मुंबई सेंट्रल – अहमदाबाद) डबल डेकर एक्सप्रेस
-ट्रेन संख्या 19033 (वलसाड – अहमदाबाद) गुजरात क्वीन
-ट्रेन संख्या 22953 (मुंबई सेंट्रल – अहमदाबाद) गुजरात सुपरफास्ट एक्सप्रेस
-ट्रेन संख्या 20959 (वलसाड – वडनगर) वडनगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस

शॉर्ट-टर्मिनेट और डायवर्ट की गई ट्रेनें

-ट्रेन संख्या 19417 (मुंबई सेंट्रल – अहमदाबाद) को वडोदरा जंक्शन (BRC) पर शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया।
-ट्रेन संख्या 14702 (बांद्रा टर्मिनस – श्रीगंगानगर) अरावली एक्सप्रेस को वडोदरा जंक्शन (BRC) – रतलाम (RTM) – चंदेरिया (CNA) – अजमेर जंक्शन (AII) के रास्ते डायवर्ट किया गया है।
यात्रियों की सहायता के लिए मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, बोरिवली, उधना जंक्शन और सूरत रेलवे स्टेशन पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।

अधिकारियों की सतर्कता, जांच जारी

NHSRCL ने आश्वासन दिया है कि बुलेट ट्रेन वायाडक्ट को कोई नुकसान नहीं हुआ है और जल्द से जल्द रेलवे परिचालन सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। NHSRCL ने बताया, '23/03/2025 को रात 11 बजे वटवा (अहमदाबाद के पास) में वायाडक्ट निर्माण में उपयोग की जा रही एक सेगमेंटल लॉन्चिंग गांत्री कंक्रीट गार्डर स्थापित करने के बाद पीछे हट रही थी, तभी वह फिसलकर गिर गई। इस घटना से पास की रेलवे लाइन प्रभावित हुई है। NHSRCL के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी मौके पर निगरानी कर रहे हैं। इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और निर्माणाधीन संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।'

फिलहाल रेलवे अधिकारी और NHSRCL की टीम प्रभावित सेक्शन को जल्द से जल्द क्लियर करने और संचालन सामान्य करने में जुटी है। मुंबई-अहमदाबाद रूट पर यात्रा कर रहे यात्रियों को अपडेटेड शेड्यूल चेक करने की सलाह दी गई है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति