छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर के बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी

रायपुर
 छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर-नारायणपुर जिले की सीमा पर पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। अब तक 5 से अधिक नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। मौके से 3 शव और इंसास राइफल बरामद की गई है। नक्सलियों के बड़े कैडर्स की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने कोर इलाके में घेराबंदी की। करीब 500 जवान इस अभियान में शामिल हैं। फायरिंग सुबह 8 बजे से जारी है।

इंद्रावती नदी के पार ऑपरेशन

पुलिस को जानकारी मिली थी कि इंद्रावती नदी के पार भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसी आधार पर एक दिन पहले दंतेवाड़ा और बीजापुर से जवानों को अभियान के लिए रवाना किया गया था। 25 मार्च की सुबह नक्सलियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई।

सूत्रों के मुताबिक, फोर्स ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दंतेवाड़ा एसपी गौरव राय और एएसपी आरके बर्मन ने बताया कि मुठभेड़ जारी है। पूरी स्थिति सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

दोनों ओर से हो रही फायरिंग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जंगल में पहले से मौजूद नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से लगातार गोलियां चल रही हैं। खबर है कि जवानों ने नक्सलियों को घेर लिया है। मुठभेड़ के बारे में पूरी जानकारी कुछ देर बाद पता चलेगी। लेकिन माना जा रहा है कि फोर्स ने बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है, जिससे कई नक्सली मारे जा सकते हैं।
नक्सलियों को हो सकता है भारी नुकसान

दंतेवाड़ा के SP गौरव राय ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जवानों को नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। फिलहाल मुठभेड़ जारी है और ज्यादा जानकारी का इंतजार है। यह मुठभेड़ ऐसे समय में हो रही है जब बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस मुठभेड़ से नक्सलियों को बड़ा नुकसान होने की संभावना है।

चार दिन पहले इसी इलाके में 30 नक्सली मारे गए थे

चार दिन पहले इसी इलाके में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 30 नक्सलियों को मार गिराया था। दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर 26 और कांकेर में 4 नक्सली ढेर हुए थे। यह नक्सलियों के लिए उनके TCOC (टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) माह में सबसे बड़ा नुकसान माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह हमला हाल ही में सरेंडर किए नक्सली दिनेश मोड़ियाम की सूचना के आधार पर किया गया था।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति