मिस्र ने हमास पर बनाया युद्धविराम समझौते को मानने का दबाव, फिलिस्तीनियों को निकालने की धमकी

काहिरा
 मिस्र ने हमास पर गाजा में युद्धविराम के लिए इजरायल के प्रस्ताव को मानने का दबाव बढ़ा दिया है। मिस्र ने युद्धविराम डील ना मानने पर फिलिस्तीनियों को अपने क्षेत्र से निकालने की धमकी दी है। इजरायली वेबसाइट यरुशलम पोस्ट ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से ये दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, मिस्र ने हमास के उन कैदियों को अपने क्षेत्र से निकालने की धमकी दी है, जिन्हें हाल ही इजरायल ने रिहा किया है। मिस्र ने यह धमकी दी है ताकि हमास लचीला रुख अपनाए और बंधक समझौते के संशोधित प्रस्ताव को स्वीकार करे ले। मिस्र ने लंबे समय से हमास और इजरायल के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।

मिस्न ने जिन फिलिस्तीनियों को अपने क्षेत्र से निकालने की बात तकी है, वह लंबे समय तक इजरायल की जेलों में कैद रहे हैं। इन लोगों को गाजा में युद्धविराम के बाद इजरायली बंधकों की रिहाई के बदले में इजरायल सरकार ने छोड़ा है। इजरायल से लौटने के बाद वे अस्थायी रूप से मिस्र में रह रहे हैं। ऐसे में मिस्र के शीर्ष खुफिया अधिकारी हमास पर दबाव डाल रहे हैं कि समझौते को स्वीकार कर लें। ऐसा ना होने पर फिलिस्तीनियों को देश में पनाह देने पर विचार किया जाएगा।

अमेरिका के इशारे पर बनाया जा रहा दबाव!

इजरायली अधिकारी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने मिस्र के खुफिया प्रमुख जनरल हसन रशाद पर इस संबंध में दबाव डाला है। विटकॉफ ने मिस्र से इस बात पर निराशा जताई कि वह हमास को अतिरिक्त बंधकों को रिहा करने के लिए मनाने में विफल रहा है। इन बंधकों में इजरायली-अमेरिकी इदान अलेक्जेंडर भी शामिल हैं। अमेरिका की ओर से कड़ा संदेश मिलने के बाद मिस्र ने हमास पर दबाव बढ़ाया है।

अमेरिका के दबाव के बाद मिस्र के खुफिया अधिकारी हमास को इस बात के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं कि कि वह एक नए समझौते को माने। इस समझौते से और ज्यादा बंधकों को छुड़ाया जा सकता है और युद्ध को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। दूसरी ओर हमास युद्ध को स्थायी तौर पर रोकने की कोशिश में लगा है। वह बंधकों की रिहाई के बदले गाजा के लिए ज्यादा सहूलियत चाहता है। इस प्रस्ताव में पांच जीवित बंधकों की रिहाई के बदले में 50 दिनों का युद्धविराम और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई शामिल है।

गाजा में 50 हजार से ज्यादा मौतें

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इजराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध में मरने वाले फिलिस्तीनियों की संख्या 50,000 को पार कर गई है। हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को कहा कि अक्टूबर 2023 में इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से फिलिस्तीनी क्षेत्र में कम से कम 50,021 लोग मारे गए हैं।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति