मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में भोपाल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा।

सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। इस मौके पर अपर सचिव सहकारिता एवं प्रशासक अपेक्स बैंक अपर प्रमुख सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव मत्स्य पालन श्री डी.पी. आहूजा उपस्थित रहेंगे।

प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री मनोज कुमार गुप्ता ने बताया है कि सम्मेलन में राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री मनोज पुष्प और नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती मौजूद रहेंगी।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति