रायपुर : एफ.पी.ओ. मेले में मिलेगा जैविक और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का अनूठा संगम

रायपुर : एफ.पी.ओ. मेले में मिलेगा जैविक और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का अनूठा संगम

रायपुर में तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला 26 मार्च से

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम करेंगे शुभारंभ

रायपुर

छत्तीसगढ़ में कृषक उत्पादक संगठनों (एफ.पी.ओ.) को बढ़ावा देने और जैविक व प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय कृषक उत्पादक संगठन मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में छत्तीसगढ़ के 45 कृषक उत्पादक संगठन अपने उत्कृष्ट कृषि उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे।

यह मेला 26 मार्च से 28 मार्च 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जिसका शुभारंभ 26 मार्च को सुबह 11 बजे कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। इस अवसर पर धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, रायपुर ग्रामीण विधायक मोती लाल साहू और रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल करेंगे।

एफ.पी.ओ. मेले में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा निर्मित जैविक और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की भरमार होगी। मेले में सुगंधित जैविक चावल-विष्णुभोग, देवभोग, जीराफूल, ब्लैक राइस, रेड राइस, ग्रीन राइस, ब्राउन राइस, जैविक दालें और तिलहन – अरहर, उड़द, मसूर, लाखड़ी दाल, सरसों, मूंगफली तेल, शीशम तेल, मिलेट्स और आटा- बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी, मल्टीग्रेन आटा, चावल आटा, रागी आटा, मसाले और हर्बल उत्पाद- हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, मोरिंगा पाउडर, हर्बल साबुन, फिनाइल, जैविक गुड़ और स्नैक्स – गुड़, गुड़ कैंडी, बेरी बिस्कुट, आम पापड़, महुआ लड्डू, अमचूर लड्डू, अचार और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ – नींबू, कटहल, आंवला, हल्दी, सरसों, बांस, मिक्स अचार, मशरूम पापड़, मशरूम बड़ी, सौंदर्य और स्वास्थ्य उत्पाद -हनी बी वैक्स, लिप बाम, फुट क्रीम, कुमकुम, हल्दी रोली उपलब्ध होंगे।

मेले में न केवल उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी, बल्कि एफ.पी.ओ. के बेहतर संचालन के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। इसमें कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रगतिशील कृषक और एफ.पी.ओ. के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

भारत सरकार द्वारा कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, फसल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए पूरे देश में एफ.पी.ओ. मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में यह आयोजन हो रहा है, जहां किसानों को सीधा बाजार मिलेगा और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पाद। इस तीन दिवसीय एफ.पी.ओ. मेला सह प्रदर्शनी में आम जनता के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा, जहां वे अपनी पसंद के जैविक और प्रसंस्कृत उत्पाद खरीद सकेंगे।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति