वर्ष 2024 मेंटीबी मुक्त ग्राम पंचायत की संख्या बढ़कर 4102 तक पहुँच गई, जो देश में सर्वाधिक अनुपात दर्शाता

रायपुर

विश्व क्षय (टीबी) दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य को "टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान" में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 50 लाख से अधिक आबादी वाले राज्यों की श्रेणी में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के सर्वाधिक अनुपात हेतु प्रदान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा ने की। समारोह में देशभर के स्वास्थ्य सचिव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक, राज्य क्षय अधिकारी, विभिन्न मंत्रालयों एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से यह पुरस्कार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक विजय दयाराम के. ने प्राप्त किया। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की भूरि-भूरि सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने "टीबी मुक्त पंचायत" के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में अनुकरणीय कार्य किया है।

उल्लखेनीय है कि भारत सरकार द्वारा 2023 में "टीबी मुक्त ग्राम पंचायत" की परिकल्पना की गई थी। पहले ही वर्ष छत्तीसगढ़ की 2260 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 4102 पंचायतों तक पहुँच गई, जो देश में सर्वाधिक अनुपात दर्शाता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले इस सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों को बधाई दी।  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने  स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने निर्देश दिए कि 100 दिवसीय अभियान के दौरान चिन्हित सभी संभावित मरीजों की X-Ray और नाट परीक्षण प्राथमिकता से पूर्ण किए जाएँ, उनका तत्काल पंजीकरण और उपचार प्रारंभ कर निक्षय पोषण योजना व मित्रों से सहायता सुनिश्चित की जाए।

"निक्षय निरामय छत्तीसगढ़" बना जन-आंदोलन

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 7 दिसंबर 2024 से शुरू किए गए 100 दिवसीय 'निक्षय निरामय छत्तीसगढ़' अभियान ने ग्रामीण स्तर पर व्यापक पहचान, उपचार और सहभागिता को गति दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों – उद्योगों, कॉरपोरेट्स, NGO व आम जनता – से टीबी मरीजों को गोद लेने की अपील की गई थी। इस अपील के बाद प्रदेश में निक्षय मित्रों की संख्या बढ़कर 13,422 हो गई, जिन्होंने अब तक 26,039 टीबी मरीजों को पोषण आहार व अन्य सहयोग प्रदान किया है।

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