भस्म आरती में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने मंदिर परिक्षेत्र में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे और कंट्रोल रूम से लगातार उद्घोषणा की जाएगी

उज्जैन
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में भस्म आरती दर्शन में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मंदिर समिति अब जन जागरूकता के प्रयास तेजी करेगी। इसके लिए मंदिर परिक्षेत्र में सूचना बोर्ड की संख्या बढ़ाई जाएगी। कंट्रोल रूम से लगातार उद्घोषणा की जाएगी। साथ ही मंदिर के आसपास लाइव दर्शन के लिए लगाई गई विशाल स्क्रीन पर स्लाइड लगाई जाएगी।

महाकाल मंदिर देश का एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है, जहां तड़के चार बजे होने वाली मंगला आरती में भगवान को भस्म स्नान कराया जाता है। भस्म अर्पण के कारण ही इस आरती का नाम भस्म आरती पड़ा। देशभर के भक्तों में भस्म आरती दर्शन की प्रबल उत्कंठा रहती है।

सख्त कदम उठाना शुरू कर दिए

इसके लिए भक्त दलालों को हजारों रुपये देने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। लंबे समय से मंदिर में रुपये लेकर भस्म आरती दर्शन अनुमति दिलाने का चल रहा है। मंदिर समिति ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए सख्त कदम उठाना शुरू कर दिए हैं।

10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है

ऐसे मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, फिर भी नए मामले समाने आ रहे हैं। मंदिर समिति की पड़ताल में एक बात स्पष्ट रूप से सामने आ रही है कि कुछ मामले में दर्शनार्थी ही दलालों को रुपये की पेशकश करते हैं तथा किसी भी तरह से दर्शन अनुमति प्राप्त करना चाहते हैं।

प्रतिदिन 1700 भक्तों को अनुमति

भगवान महाकाल की भस्म आरती दर्शन के लिए मंदिर समिति प्रतिदिन करीब 1700 भक्तों को अनुमति जारी करती है। इसमें मंदिर की वेबसाइट के माध्यम से 400 भक्तों को ऑनलाइन अनुमति दी जाती है। 500 अनुमति प्रोटोकाल के तहत वीआईपी भक्तों को मिलती है।

400 सीट पुजारी, पुरोहित के यजमानों के लिए आरक्षित हैं, वहीं सामान्य दर्शनार्थियों के लिए 400 सीटों का कोटा है। आम भक्तों को महाकाल महालोक के नंदी द्वार के समीप स्थित भस्म आरती काउंटर से प्रतिदिन रात आठ बजे से ऑफलाइन अनुमति भी दी जाती है।

प्रति व्यक्ति 200 रुपये शुल्क

भगवान महाकाल की भस्म आरती दर्शन के लिए प्रति व्यक्ति 200 रुपये शुल्क चुकाना होता है। आनलाइन अनुमति लेने वाले भक्त ई-पेमेंट से भुगतान करते हैं। पुजारी, पुरोहित के यजमान व प्रोटोकाल के तहत अनुमति लेने वाले भक्तों को भुगतान के लिए लिंक भेजी जाती है।

बढ़ता जा रहा भ्रष्टाचार

भस्म आरती में भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है। चार माह में एक दर्जन ऐसे मामले आ चुके हैं, जिसमें बिचौलियों ने दर्शन अनुमति दिलाने के नाम पर भक्तों से ठगी की है। इसमें मंदिर समिति के कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड, समिति सदस्य, पुजारी, पुरोहित के सेवक सहित अन्यों की संलिप्तता भी सामने आ चुकी है। दिसंबर से लेकर अब तक आधा दर्जन प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। इनमें 10 लोग जेल भी जा चुके हैं।

महापर्वों पर चलायमान दर्शन

भस्म आरती दर्शन के प्रति भक्तों के बढ़ते रुझान को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा महाशिवरात्रि, श्रावण मास जैसे प्रमुख पर्व त्योहार पर चलायमान दर्शन व्यवस्था लागू की जाती है। इस व्यवस्था से दर्शनार्थी चलते हुए भस्म आरती के दर्शन कराए जाते हैं। सिंहस्थ महापर्व के समय तो पूरे माह सिर्फ चलायमान दर्शन व्यवस्था ही रहती है।

दलालों के चंगुल में ना फंसें भक्त

    दर्शनार्थी मंदिर समिति द्वारा बनाए गए नियम के अनुसार भस्म आरती दर्शन की अनुमति प्राप्त करें। दलालों के चंगुल में नहीं फंसें, इसके लिए जनजागरूकता के प्रयास तेज किए जाएंगे। – एसएन सोनी, डिप्टी कलेक्टर व उप प्रशासक, महाकाल मंदिर

    मंदिर के आसपास लाइव दर्शन के लिए लगी मेगा एलईडी पर स्लाइड चलाई जाएगी। इसमें भस्म आरती के नियम व शुल्क से संबंधित जानकारी के साथ अनुमति के लिए दलालों के चंगुल में नहीं फंसने की अपील रहेगी।

    कंट्रोल रूम से की जाएगी लगातार उद्घोषणा।
    मंदिर के अन्नक्षेत्र में भी भस्म आरती अनुमति के लिए बाहरी लोगों से संपर्क नहीं करने तथा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नहीं देने के सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। बोर्ड पर टोल फ्री नंबर भी लिखा रहेगा। भक्त इस पर शिकायत भी कर सकेंगे।

अभी यह हो रहा

    मंदिर परिक्षेत्र में कुछ स्थानों पर सूचना बोर्ड लगे हैं।
    भक्तों को उद्घोषणा के माध्यम से सतर्क किया जाता है।

 

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