पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने अरविंद सिंह मेवाड़ को श्रद्धांजलि

उदयपुर

उदयपुर में मेवाड़ राजघराने के अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन के बाद शोक की लहर है। देशभर से राजनेता, उद्योगपति और समाजसेवी सिटी पैलेस पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

इसी कड़ी में शुक्रवार को राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी उदयपुर पहुंचीं। उन्होंने सिटी पैलेस जाकर दिवंगत अरविंद सिंह मेवाड़ को पुष्पांजलि अर्पित की और उनके पुत्र डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। वसुंधरा राजे ने मेवाड़ राजघराने की ऐतिहासिक विरासत और अरविंद सिंह मेवाड़ के योगदान को याद करते हुए उन्हें अपूरणीय क्षति बताया।

इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित हस्तियां, राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता सिटी पैलेस पहुंचकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर चुके हैं। उदयपुर के नागरिकों में भी गहरा शोक व्याप्त है, क्योंकि अरविंद सिंह मेवाड़ को एक कुशल प्रशासक और समाजसेवी के रूप में जाना जाता था।

उल्लेखनीय है कि अरविंद सिंह मेवाड़ ने मेवाड़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी स्मृति में कई श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। राजघराने से जुड़े लोगों और आम नागरिकों का सिटी पैलेस में आकर उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति