प्रदेश में अपराध नियंत्रण के लिए जिलों को चार कैटेगरी में बांटा, डीजीपी ने मामलों के निराकरण का दिया वार्षिक लक्ष्य

भोपाल
मध्य प्रदेश में गंभीर अपराधों की सूची के साथ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने गंभीर अपराधों की विवेचना कर शीघ्र निपटान के लिए जिलों को चार श्रेणियों में बांट दिया है। इसके साथ ही सभी जिलों को अपराधों के निराकरण के लिए वार्षिक लक्ष्य भी दिया गया है। पुलिस मुख्यालय की सीआइडी शाखा के माध्यम से डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों से गंभीर, सनसनीखेज और जघन्य अपराधों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।

विभिन्न श्रेणियों में शामिल जिले और वार्षिक लक्ष्य
ए-श्रेणी के जिलों में इंदौर शहर, भोपाल शहर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, देवास, धार, उज्जैन,रतलाम, रीवा है। इनके लिए 40 गंभीर अपराध का लक्ष्य रखा गया है।
– बी- श्रेणी के जिलों में बैतूल, खरगोन, रायसेन, नरसिंहपुर, शिवपुरी, छतरपुर, सिंगरौली, सीहोर, झाबुआ, छिंदवाड़ा, विदिशा, मुरैना, खंडवा, बड़वानी, इंदौर देहात, राजगढ़, सतना, सीधी, भिंड, सिवनी, गुना, शहडोल, मंदसौर, अशोकनगर, पन्ना, बालाघाट, नर्मदापुरम, दतिया, टीकमगढ़, दमोह, शाजापुर, कटनी हैं। इनके लिए 20 गंभीर अपराध का लक्ष्य।
– सी- श्रेणी के जिलों में आलीराजपुर, श्योपुर, हरदा, अनूपपुर, डिंडौरी, नीमच, मऊगंज, उमरिया, आगर-मालवा, मैहर, भोपाल देहात, बुरहानपुर हैं। इनके लिए 15 गंभीर अपराध।
– डी-श्रेणी के जिलों में निवाड़ी, पांढुर्णा, रेल भोपाल, रेल जबलपुर, रेल इंदौर के लिए पांच गंभीर अपराध का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

गंभीर एवं सनसनीखेज अपराधों में ये शामिल
हत्या के वीभत्स प्रकरण जैसे जिंदा जला देना, दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थल पर गोली, चाकू, तलवार या अन्य हथियार से निहत्थे व्यक्ति की हत्या कर देना, सामूहिक हत्याकांड।
– संगठित अपराध एवं गंभीर श्रेणी के आर्थिक अपराध।
– हत्या के साथ डकैती, बैंक, सराफा एवं सार्वजनिक स्थल पर दिनदहाड़े डकैती। – सामूहिक बलात्कार/नाबालिग के साथ दुष्कृत्य।
– आतंकवादी कृत्य। – अपहरण के साथ हत्या।
– पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों की चोरी जिनसे जनसामान्य की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हों।
– अन्य ऐसे आपराधिक प्रकरण जिनसे जनता में भय/दहशत या असुरक्षा की भावना पैदा होती हो।
– तेजाब से हमलों के प्रकरण।
– 12 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के साथ बलात्कार और नाबालिग बालिकाओं के साथ सामूहिक बलात्कार की हुई सभी आपराधिक घटनाएं।
– नक्सलियों द्वारा घटित अपराध।
– बड़े स्तर के सफेदपोश अपराध जैसे बड़े एवं महत्वपूर्ण बैंक धोखाधड़ी, मनी लांडरिंग, बड़े साइबर फ्राड आदि।
– बड़े पैमाने पर मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माण करने वाली फैक्ट्री (जैसे नकली दूध, मावा, तेल, घी, मिठाई, नमकीन, मसाला आदि) के विरुद्ध पंजीबद्ध किए गए महत्वपूर्ण आपराधिक प्रकरण।
– साइबर क्राइम एवं एनडीपीसी एक्ट के बड़े स्तर के महत्वपूर्ण प्रकरण जिसका समाज पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
– वन्यजीवों से संबंधित महत्वपूर्ण एवं गंभीर अपराध।

 

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