अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित सभी जिलों में संपत्ति के दामों में पांच से 25 प्रतिशत तक की होगी बढ़ोतरी

भोपाल
मध्य प्रदेश के 55 जिलों में 60 हजार स्थानों पर एक अप्रैल से घर, मकान, फार्म हाउस और खेती की जमीन खरीदना महंगा हो जाएगा। सभी जिलों से कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्तावों को लेकर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने बैठक रखी। इसमें बोर्ड के अध्यक्ष और महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने चर्चा की और प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर सहित सभी जिलों में संपत्ति के दामों में पांच से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो जाएगी। बता दें कि इस पर सभी जिलों में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से निकाली गई सबसे अधिक दामों पर होने वाली रजिस्ट्रियों को आधार बनाकर जमीनों के दाम बढ़ाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में एक लाख 12 हजार स्थान हैं, जिनमें से 74 हजार स्थानों पर प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त की जाती है। विभिन्न जिलों के पंजीयन और राजस्व अधिकारियों द्वारा एआइ सहित अन्य माध्यमों से सर्वे कराया गया। इसमें पता चला कि 55 हजार स्थानों पर वर्तमान दामों से तीन से चार गुना अधिक दामों पर रजिस्ट्रियां की जा रही हैं।

वहीं पांच हजार स्थान ऐसे हैं जहां जमकर निर्माण कार्य, आवासीय, व्यावसायिक भवन, सड़क आदि का निर्माण किया जा रहा है, वहां भी अधिक दामों रजिस्ट्रियां की गई हैं। इन सभी को आधार बनाकर 60 हजार स्थानों पर पंजीयन की नई दरों को स्वीकृति दी गई है। ये दरें पूरे प्रदेश में एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी।
निर्माण दरों में नहीं किया कोई बदलाव

महानिरीक्षक पंजीयन अमित तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाया जाना और उनका पुनरीक्षण नियम, 2018 के तहत वर्ष 2025-26 में अचल संपत्ति के पंजीयन के लिए प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों के मूल्यांकन के लिए जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा प्रविष्ट संपत्ति के संव्यवहारों की जानकारी, आंकड़े और अनंतिम दरों के बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रस्तावों और भूमि, भवन व स्थावर संपत्ति में विभिन्न प्रकार के हितों के संबंध में बाजार मूल्य के नियतन के लिए बैठक रखी गई। इसमें सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन आवासीय आरसीसी निर्माण और सभी क्षेत्रों में आरबीसी, टिनशेड, कच्चा कवेलू के लिए हेतु वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रचलित निर्माण दरों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में यथावत रखा गया है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति