प्रशांत किशोर ने कहा अमित शाह और PM मोदी का अभी सिर्फ बिहार प्रेम ही दिखेगा

पटना
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) 'जन सुराज उद्घोष यात्रा' के तहत एक दिवसीय दौरे पर कटिहार पहुंचे, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में चुनाव है, इसलिए नवंबर तक अमित शाह और मोदी का सिर्फ बिहार प्रेम ही दिखेगा. अब चुनाव तक हर केंद्रीय योजना का शिलान्यास बिहार से होगा, किसान सम्मान निधि का पैसा भी बिहार से भेजा जाएगा. अब चुनाव तक बिहार का गौरवशाली इतिहास ही दिखेगा.

प्रशांत किशोर ने कसा अमित शाह पर तंज
प्रशांत किशोर ने ये भी कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह का प्रेम सिर्फ चुनाव तक ही दिखेगा. मोदी और शाह सिर्फ वहीं कैंप करते हैं, जहां चुनाव होते हैं. अभी बिहार में चुनाव है, इसलिए बिहार उसके बाद मोदी शाह का बंगाल और तमिलनाडु के प्रति प्रेम दिखेगा. उन्होंने कहा कि अमित शाह को बताना चाहिए कि केंद्र सरकार ने बिहार के विकास के लिए क्या किया है. अमित शाह को बताना चाहिए कि पिछले 11 वर्षों में एनडीए सरकार ने बिहार में कितनी फैक्ट्रियां लगाई हैं.

पीके ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर सीएम योगी पर हमला किया और बोले कि यूपी और बिहार में फर्क है. सीएम योगी की पूरी राजनीति ही हिन्दू-मुस्लिम ध्रुवीकरण पर चलती है, प्रशांत किशोर ने बिहार के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में चल रही ध्रुवीकरण की राजनीति के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि योगी की पूरी राजनीति हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण पर चलती है.

प्रशांत किशोर ने कहा कि यूपी और बिहार में फर्क है. बिहार में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग लंबे समय से मिलजुल कर रहते आ रहे हैं, इसलिए बिहार में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है. यहां कुछ लोग धर्म के नाम पर मुसलमानों को डरा सकते हैं, लेकिन यहां के इतिहास में कभी हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण नहीं हुआ और हमारी कामना है कि भविष्य में इसकी कोई संभावना न रहे और बिहार यूपी न बने।

कुणाल कामरा के पक्ष मेंं क्या बोले पीके?
कुणाल कामरा के पक्ष में बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि कुणाल मेरे मित्र हैं, वे देश को प्यार करने वाले व्यक्ति हैं, उनके शब्दों का चयन गलत हो सकता है लेकिन उनकी मंशा गलत नहीं थी. प्रशांत किशोर ने कुणाल कामरा की स्टैंड अप कॉमेडी पर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुणाल मेरे मित्र हैं. उनके बारे में मेरी जो जानकारी है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि वह देश से प्यार करने वाले व्यक्ति हैं. उनकी कोई राजनीतिक दुश्मनी नहीं है. वह पुडुचेरी में रहते हैं और वहां जैविक खेती के साथ-साथ स्टैंड अप कॉमेडी भी करते हैं.

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